नई दिल्ली, 14 अप्रैल।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि यमुना नदी से होने वाली बाढ़ से बचाव के लिए सरकार ने एक सुरक्षा दीवार के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की है। यह दीवार रिंग रोड के किनारे मजनू का टीला से ओल्ड रेलवे ब्रिज तक लगभग 4.72 किलोमीटर लंबी बनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जानकारी देते हुए कहा कि हालिया बजट में इस परियोजना का प्रस्ताव पारित किया गया है। यह दीवार यमुना के बढ़ते जलस्तर को रिहायशी क्षेत्रों में प्रवेश करने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा सिविल लाइंस, कश्मीरी गेट, यमुना बाजार और मजनू का टीला जैसे संवेदनशील इलाकों को सुरक्षा प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से यमुना का जलस्तर बढ़ने पर सबसे पहले मजनू का टीला और आसपास के निचले क्षेत्र प्रभावित होते रहे हैं, जिससे राजधानी की व्यवस्था बाधित होती रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान तटबंध अब पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए सरकार स्थायी समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है। वर्ष 2023 में यमुना का जलस्तर 208.66 मीटर तक पहुंच गया था, जो 1978 के रिकॉर्ड से भी अधिक था, जबकि 2025 में भी यह खतरे के निशान से ऊपर जाकर 207.48 मीटर तक पहुंचा था।
उन्होंने बताया कि यह परियोजना अगस्त 2024 की संयुक्त बाढ़ समिति की रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें केंद्रीय जल एवं विद्युत अनुसंधान केंद्र के विशेषज्ञों द्वारा किए गए अध्ययन में इस प्रकार की सुरक्षा दीवार को दीर्घकालिक समाधान बताया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दीवार नदी और शहर के बीच मजबूत सुरक्षा कवच का कार्य करेगी, जिससे पानी के ओवरफ्लो को रोका जा सकेगा और नदी किनारों के कटाव से बचाव होगा। साथ ही यह अवैध कचरा डंपिंग को भी रोकेगी और यमुना के पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने में सहायक होगी। सरकार का लक्ष्य है कि इस परियोजना को वर्ष 2027 के मानसून से पहले पूरा किया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कदम दिल्ली को हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या से स्थायी राहत देगा।




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