इस्लामाबाद, 11 अप्रैल 2026।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी छह सप्ताह पुराने संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों के तहत दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच पाकिस्तान में आमने-सामने बातचीत शुरू हो गई है। हाल ही में घोषित अस्थायी युद्धविराम के बाद यह वार्ता शनिवार दोपहर इस्लामाबाद में प्रारंभ हुई।
इससे पहले दोनों पक्षों ने अलग-अलग रूप से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं, जिसमें विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जारेड कुशनर भी शामिल हैं। वहीं, ईरान की ओर से 70 से अधिक सदस्यों का दल मौजूद है, जिसकी अगुवाई संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार प्रारंभ में इन वार्ताओं को अप्रत्यक्ष रूप में आयोजित किया जाना था, लेकिन अब दोनों पक्ष सीधे बातचीत कर रहे हैं, जिसमें पाकिस्तानी मध्यस्थ भी मौजूद हैं। शनिवार को वेंस और गालिबाफ ने प्रधानमंत्री शरीफ से मुलाकात की, जहां पाकिस्तान ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की अपनी भूमिका जारी रखने की बात कही।
पाकिस्तान की ओर से उम्मीद जताई गई है कि यह वार्ता क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में अहम कदम साबित होगी। हालांकि, तेहरान की ओर से पहले यह कहा गया था कि लेबनान को युद्धविराम में शामिल किए बिना और अमेरिकी प्रतिबंधों पर आश्वासन के बिना बातचीत संभव नहीं होगी।
सूत्रों के मुताबिक लेबनान में संघर्ष विराम को लेकर कुछ प्रगति के संकेत मिले हैं, साथ ही ईरानी संपत्तियों को मुक्त करने पर भी चर्चा आगे बढ़ सकती है, हालांकि स्थिति अभी प्रारंभिक दौर में है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह केवल ठोस और वास्तविक समझौते की स्थिति में ही किसी निष्कर्ष तक पहुंचेगा।
अमेरिका की ओर से भी सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताई गई है, लेकिन यह संकेत दिया गया है कि किसी भी तरह की चालबाजी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस बीच, पूर्व में घोषित दो सप्ताह के युद्धविराम ने हवाई हमलों को रोका है, लेकिन अन्य क्षेत्रों में तनाव अब भी बना हुआ है।












