हरदा, 15 अप्रैल।
हरदा जिले की खिरकिया कृषि उपज मंडी में अव्यवस्था चरम पर पहुंच गई है, जहां व्यापारियों द्वारा मंडी परिसर में जगह-जगह माल के ढेर लगाने से किसानों के आवागमन में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के फंसने से प्रतिदिन जाम की स्थिति बन रही है।
किसानों का कहना है कि मंडी में उपज लेकर पहुंचने के बाद उन्हें घंटों तक जाम में फंसा रहना पड़ता है, जिससे उनका समय बर्बाद होने के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के पूर्व जिलाध्यक्ष रामनिवास खोरे के अनुसार किसान संगठनों के विरोध के बाद व्यापारियों को 24 घंटे में माल हटाने का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे व्यापारियों की मनमानी लगातार जारी है और मंडी नियमों की अनदेखी हो रही है।
स्थानीय किसान नेता धर्मेंद्र राजपूत ने बताया कि पूर्व में मंडी बोर्ड द्वारा कार्रवाई करते हुए मंडी सचिव को निलंबित किया गया था, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया, लेकिन बहाली के बाद हालात फिर पुराने जैसे ही हो गए हैं और अव्यवस्था जस की तस बनी हुई है।
खिरकिया मंडी में किसानों की भारी आवक के बावजूद पर्याप्त स्थान का अभाव है, जबकि परिसर में अतिक्रमण और अव्यवस्थित रूप से रखे गए माल के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। किसानों का कहना है कि मंडी का विस्तार और अलग आवागमन मार्ग बनाना आवश्यक है, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो रही है।
वेयरहाउस के आसपास भी लंबे समय से व्यापारियों के कब्जे की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन कार्रवाई के अभाव में स्थिति यथावत बनी हुई है, वहीं ट्रॉली सेट के पास भी माल रखे जाने से किसानों की परेशानी और बढ़ गई है।
किसानों ने आरोप लगाया है कि मंडी सचिव उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और व्यापारियों पर सख्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, साथ ही एसडीएम द्वारा निरीक्षण न किए जाने से हालात और गंभीर होते जा रहे हैं।
किसानों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सख्ती नहीं दिखाई तो स्थिति और बिगड़ सकती है, और अब यह बड़ा सवाल बना हुआ है कि किसानों को इस अव्यवस्था से राहत कब मिलेगी और जिम्मेदार अधिकारी कब सक्रिय होंगे।









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