कानपुर, 13 अप्रैल।
रावतपुर थाना क्षेत्र में चल रहे निजी अस्पतालों से जुड़े किडनी ट्रांसप्लांट खरीद-फरोख्त गिरोह मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, जहां लंबे समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी फर्जी डॉक्टर रोहित को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं और मामले की जांच अभी जारी है। पुलिस उपायुक्त पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि किडनी कांड से जुड़े सभी आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार अभियान चला रही थी, जिसके तहत दिल्ली निवासी रोहित को पकड़ा गया है, जिसे कानपुर लाकर पूछताछ की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि खुद को डॉक्टर बताने वाला रोहित वास्तव में 12वीं पास है और वह फर्जी पहचान के सहारे इस पूरे नेटवर्क में सक्रिय था। उससे मिली जानकारी के आधार पर आगे की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं, और पूछताछ के बाद विस्तृत खुलासा किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 30 मार्च 2026 को कानपुर कमिश्नरेट पुलिस ने इस अवैध किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट का खुलासा किया था, जिसमें कल्याणपुर स्थित एक निजी अस्पताल में पैसों के लालच में किडनी की खरीद-फरोख्त किए जाने की बात सामने आई थी। जांच में यह भी पता चला था कि जरूरतमंद और अमीर लोगों को जोड़कर यह अवैध कारोबार चलाया जा रहा था।
इस मामले में अहूजा अस्पताल के मालिक दंपति समेत नौ लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जांच में दिल्ली निवासी रोहित को इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक बताया गया था, जबकि मेरठ निवासी एक अन्य डॉक्टर और दिल्ली का ओटी टेक्नीशियन भी इस गिरोह में शामिल पाए गए थे। सभी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिनमें से अब रोहित को गिरफ्तार कर लिया गया है।




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