जयपुर, 08 अप्रैल।
केंद्र सरकार ने राजस्थान के बाड़मेर जिले के पचपदरा में निर्माणाधीन एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड परियोजना की लागत बढ़ाने का निर्णय लिया है। कैबिनेट समिति की मंजूरी के अनुसार, रिफाइनरी की अनुमानित लागत 43,129 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 79,459 करोड़ रुपये कर दी गई है।
एचपीसीएल इस परियोजना में अतिरिक्त 8,962 करोड़ रुपये निवेश करेगी, जिससे कुल निवेश 19,600 करोड़ रुपये तक पहुँच जाएगा। यह अत्याधुनिक ग्रीनफील्ड रिफाइनरी होगी, जिसमें पेट्रोलियम और पेट्रोरासायनिक उत्पाद बनाए जाएंगे।
इस रिफाइनरी से प्रतिवर्ष उत्पादन इस प्रकार होगा: 10 लाख टन पेट्रोल, 40 लाख टन डीजल, 10 लाख टन पॉलीप्रोपाइलीन, 5 लाख टन लम्बी श्रृंखला लीनियर पॉलीएथिलीन, 5 लाख टन उच्च घनत्व पॉलीएथिलीन और 4 लाख टन बेंजीन, टोल्यून एवं ब्यूटाडीन। ये उत्पाद परिवहन, औषधि, रंग और पैकेजिंग उद्योगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
सरकार के अनुसार, इस परियोजना से देश की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति होगी और पेट्रोरासायनिक उत्पादों के आयात पर निर्भरता कम होगी, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत संभव होगी। परियोजना का संचालन 1 जुलाई से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
निर्माण कार्य के दौरान इस परियोजना से लगभग 25,000 लोगों को रोजगार प्राप्त हुआ। रिफाइनरी की वार्षिक उत्पादन क्षमता 90 लाख टन है और इसे एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा है, जिसमें एचपीसीएल का हिस्सा 74 प्रतिशत और राजस्थान सरकार का 26 प्रतिशत है। सरकार का कहना है कि यह परियोजना न केवल ऊर्जा क्षेत्र को सुदृढ़ करेगी बल्कि पिछड़े क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को भी प्रोत्साहित करेगी।


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