लखनऊ, 08 अप्रैल।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के चित्रकूट नोड में 75 हेक्टेयर भूमि का आवंटन पत्र भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मनोज जैन को सौंपा। यह कदम चित्रकूट डिफेंस नोड के संगठित और चरणबद्ध विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो बुंदेलखंड क्षेत्र में औद्योगिक आधार को मजबूत करने के साथ प्रदेश में रक्षा विनिर्माण संरचना को सशक्त करेगा।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह पहल उत्तर प्रदेश को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में सशक्त और विश्वसनीय पहचान दिलाने के साथ-साथ बुंदेलखंड के समग्र आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी। चित्रकूट नोड अपनी उत्कृष्ट लॉजिस्टिक सुविधा और भौगोलिक अनुकूलता के कारण मध्य भारत में रक्षा उत्पादन का एक उभरता केंद्र बन रहा है, जो निवेश, रोजगार सृजन और उच्च-प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक विकास का प्रमुख आधार बनेगा।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि इस परियोजना में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड लगभग 562.5 करोड़ रुपये का निवेश कर अत्याधुनिक राडार और वायु रक्षा प्रणालियों के निर्माण हेतु एक उन्नत विनिर्माण इकाई स्थापित करेगा। यह परियोजना केवल रक्षा उत्पादन को ही सुदृढ़ नहीं करेगी, बल्कि प्रदेश में औद्योगिक दक्षता और तकनीकी क्षमता के विकास को भी गति देगी। इसके परिणामस्वरूप 300 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न होंगे, जबकि सहायक और संबद्ध क्षेत्रों में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट में स्थापित यह उच्च-प्रौद्योगिकी इकाई स्थानीय युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर प्रदान करेगी और अन्य क्षेत्रों में पलायन की आवश्यकता को कम करेगी। यह परियोजना क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ तकनीकी दक्ष मानव संसाधन, अनुसंधान और नवाचार को भी बढ़ावा देगी, जिससे आधुनिक औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि यह कदम 'आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को सुदृढ़ करते हुए रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन क्षमता को मजबूत करेगा। इसके माध्यम से आयात पर निर्भरता कम होगी और प्रदेश में एक एकीकृत, सशक्त और आत्मनिर्भर रक्षा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण संभव होगा। परियोजना से सहायक और एमएसएमई उद्योगों को भी नई गति मिलेगी और नवाचार, तकनीकी सहयोग एवं ज्ञान हस्तांतरण के अवसर उपलब्ध होंगे, जो प्रदेश को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में प्रमुख केंद्र बनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि चित्रकूट अब तक अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन अब यह रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में भी नई और सशक्त पहचान स्थापित कर रहा है। प्रस्तावित उन्नत औद्योगिक इकाई न केवल क्षेत्रीय विकास को गति देगी, बल्कि पारंपरिक विरासत और आधुनिक औद्योगिक प्रगति के बीच संतुलन और समन्वय स्थापित करेगी।







.jpg)
.jpg)
.jpg)
.jpg)