नई दिल्ली, 08 अप्रैल।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर 9 से 12 अप्रैल तक मॉरिशस और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का दौरा करेंगे। पहले वे मॉरिशस में 9वें इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे और वहां के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा करेंगे।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, सम्मेलन में जयशंकर को संबोधन का अवसर मिलेगा और विभिन्न देशों के अपने समकक्षों के साथ बातचीत करेंगे। यह सम्मेलन भारत की नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी, विजन महासागर और ग्लोबल साउथ के प्रति संकल्प को उजागर करता है।
इसके बाद 11 अप्रैल से विदेश मंत्री यूएई के दो दिवसीय औपचारिक दौरे पर होंगे, जहां दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा होगी। यह सम्मेलन मॉरिशस सरकार और विदेश मंत्रालय के सहयोग से इंडिया फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य विषय “हिंद महासागर के सुशासन के लिए सामूहिक जिम्मेदारी” है। सम्मेलन का आयोजन 10-12 अप्रैल तक होगा।
2016 से यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देना, समुद्री व्यापार और आर्थिक सहयोग सुदृढ़ करना, जलवायु परिवर्तन से संबंधित चुनौतियों से निपटना और समुद्री संसाधनों के संरक्षण के लिए साझा रणनीति तैयार करना है। इंडिया फाउंडेशन के अनुसार, पिछले आठ वर्षों में यह क्षेत्रीय सहयोग और सुरक्षा के लिए साझा मंच बन गया है।
विदेश मंत्री के यूएई दौरे की घोषणा उस समय आई जब अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का संघर्षविराम तय हुआ। विदेश मंत्रालय ने कहा कि संवाद और कूटनीति के माध्यम से ही संघर्ष को समाप्त किया जा सकता है। पश्चिम एशियाई संघर्ष ने स्थानीय जनता को कठिनाइयों में डालने के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा पैदा की है।


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