प्रयागराज, 25 मई।
स्थानीय डायोसिस से जुड़े एक लंबे समय से चले आ रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। विद्यालय प्रबंधन से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने मामले की निष्पक्ष जांच और एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित करने की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने पूर्व में की गई पुलिस कार्रवाई और दर्ज मुकदमों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मुख्य सचिव को प्रेषित पत्र में प्रबंधक ने अपने विरुद्ध दर्ज किए गए प्रकरणों को पूरी तरह आधारहीन और दुर्भावनापूर्ण करार दिया है। उनका आरोप है कि उन्हें और संस्था से संबद्ध अन्य पदाधिकारियों को सुनियोजित तरीके से बदनाम करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। ज्ञापन में यह दावा किया गया है कि शिकायतकर्ता द्वारा अतीत में भी विभिन्न मंचों पर अनेक शिकायतें की गई थीं, जिनकी जांच में वे सभी आरोप असत्य सिद्ध हुए थे।
प्रबंधक ने स्पष्ट किया कि विद्यालय प्रशासन में सुधार और प्रशासनिक-वित्तीय प्रक्रियाओं को लेकर चल रहे विवाद के दौरान उन्हें बार-बार झूठे मुकदमों में उलझाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने मांग की है कि मामले से जुड़े सभी कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्यों और व्हाट्सएप चैट की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन पर अनुचित दबाव बनाने और विद्यालय की कार्यप्रणाली को बाधित करने के उद्देश्य से ही निरंतर शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं।
प्रशासनिक स्तर पर इस मांग को गंभीरता से लिया गया है, जिसमें कथित फर्जी मुकदमों की समीक्षा और प्रकरण के सभी पहलुओं की उच्च स्तरीय जांच करने का आग्रह किया गया है। साथ ही, चेतावनी दी गई है कि यदि न्यायसंगत कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो भविष्य में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। वर्तमान में पुलिस और जिला प्रशासन विभिन्न शिकायतों और लंबित मामलों की पड़ताल कर रहे हैं। जांच प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही इस विवाद का सत्य और वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।







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