पूर्वी सिंहभूम, 25 मई।
जमशेदपुर शहर में ट्रैफिक जांच के दौरान अवैध वसूली के गंभीर आरोप सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो सहायक अवर निरीक्षकों को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया।
जानकारी के अनुसार दोनों प्रकरणों की जांच ट्रैफिक पुलिस उपाधीक्षक स्तर पर कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में आरोप प्रमाणित होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने दोनों पुलिसकर्मियों के निलंबन का आदेश जारी किया।
पहला मामला साकची थाना क्षेत्र का है, जहां 8 मई को थाना गेट के पास वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक वाहन चालक को प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने के आधार पर रोका गया और उससे कथित तौर पर अवैध राशि की मांग की गई। नकद उपलब्ध न होने पर साकची ट्रैफिक थाना में पदस्थ एएसआई शिवशंकर पासवान द्वारा एक दुकानदार के खाते में ऑनलाइन भुगतान करवाने की बात सामने आई।
शिकायत मिलने के बाद पूरे मामले की जांच कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए जाने पर एएसआई शिवशंकर पासवान को निलंबित कर दिया गया।
दूसरा मामला टाटानगर जंक्शन रेलवे स्टेशन के पास का बताया गया है, जहां जुगसलाई ट्रैफिक थाना में पदस्थ एएसआई जय कुमार दास पर एक बाइक चालक से 10 हजार रुपये की मांग करने का आरोप लगा। शिकायतकर्ता जनगणना कार्य से जुड़े एक शिक्षक बताए गए हैं, जिन्होंने आरोप लगाया कि सभी वैध दस्तावेज होने के बावजूद उन्हें लंबे समय तक रोका गया और जुर्माने के नाम पर बड़ी राशि मांगी गई।
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब शिक्षक ने विधायक संजीव सरदार से फोन पर बात कराने का प्रयास किया, लेकिन एएसआई ने बातचीत से इनकार कर दिया। इसके बाद विधायक स्वयं मौके पर पहुंचे। जांच ट्रैफिक डीएसपी स्तर पर कराई गई, जिसमें आरोप सही पाए जाने के बाद एएसआई जय कुमार दास को भी निलंबित कर दिया गया।
ट्रैफिक डीएसपी नीरज पाठक ने दोनों मामलों की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच में आरोप प्रमाणित होने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि ट्रैफिक जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या अनुचित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।







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