शिमला , 25 मई ।
शिमला पुलिस ने एक बड़े संगठित चिट्टा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसमें इंस्टाग्राम और क्यूआर कोड के जरिए लेनदेन कर पूरे कारोबार को अंजाम दिया जा रहा था। इस कार्रवाई में पंजाब और हरियाणा से जुड़े तीन प्रमुख सप्लायर सरगनाओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया कि दुकान पर भुगतान के नाम पर ग्राहकों से क्यूआर कोड स्कैन कर पैसे लिए जाते थे, जिन्हें नशे के कारोबार में इस्तेमाल किया जाता था।
पहले मामले में संजौली क्षेत्र से 35 वर्षीय रवि कुमार उर्फ बंटी को करीब 26 ग्राम चिट्टा के साथ पकड़ा गया था। जांच के दौरान उसके मोबाइल, बैंक लेनदेन और डिजिटल गतिविधियों की गहन पड़ताल की गई, जिसमें खुलासा हुआ कि वह अपनी दुकान पर आने वाले ग्राहकों से अलग-अलग क्यूआर कोड के जरिए भुगतान करवाता था, जबकि ग्राहक अनजान रहते थे कि उनका पैसा नशे की सप्लाई में जा रहा है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि यह रकम पंजाब के तरनतारन निवासी एक युवक तक पहुंचाई जाती थी, जो आगे चिट्टा सप्लाई करता था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 21 वर्षीय शवनदीप को पंजाब के जंडियाला गुरु क्षेत्र से गिरफ्तार किया, जिसे इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सप्लायर बताया गया है।
दूसरे मामले में बालूगंज थाना क्षेत्र में 23 वर्षीय जय सिंघला से 14 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में पता चला कि पंजाब के मोगा निवासी अमृत पाल इस नेटवर्क का प्रमुख सप्लायर था, जबकि हरियाणा का कुलदीप सिंह उसके साथ मिलकर डिलीवरी और नेटवर्क संचालन में शामिल था।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि जय सिंघला और अमृत पाल की पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से हुई थी और दोनों के बीच लाखों रुपये का लेनदेन हुआ था। इसके बाद पुलिस ने मोगा से अमृत पाल और पिंजौर क्षेत्र से कुलदीप सिंह को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। पुलिस के अनुसार नशा तस्करी की पूरी सप्लाई चेन और उसके मूल स्रोत तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई जारी है।







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