वाराणसी, 28 मई।
वाराणसी में ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व गुरुवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरी अकीदत और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया, जहां शहर की ईदगाहों और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई और नमाज के बाद लोगों ने खुदा की राह में पशुओं की कुर्बानी पेश की।
सुबह 7 बजे से लेकर 10:30 बजे तक शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न मस्जिदों में नमाज का सिलसिला चलता रहा, जहां सभी धार्मिक स्थल नमाजियों से खचाखच भरे रहे और नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर बधाई दी तथा उलमा ने तकरीर के माध्यम से दुआएं कराईं।
बकरीद के अवसर पर शहर की अलग-अलग मस्जिदों और ईदगाहों में अलग-अलग समय पर नमाज अदा कराई गई, जिसमें लाट मस्जिद सरैया, ईदगाह पुरानापुल, गोगा की बाग जलालीपुरा, शक्कर तालाब, लंगर मस्जिद, जामा मस्जिद खोजापुरा, बड़ी मस्जिद सरैया सहित कई प्रमुख स्थान शामिल रहे, जहां इमामों ने नमाज अदा कराई।
इसी तरह शहर की अन्य मस्जिदों जैसे कमच्छा, पितरकुंडा, नई सड़क, ज्ञानवापी क्षेत्र, नवाबटोंक, नदेसर, काशी विद्यापीठ रोड स्थित बड़ी ईदगाह, मंडुवाडीह और शिवाला क्षेत्र की मस्जिदों में भी नमाज अदा की गई, जहां बाद में उलमा ने देश की सलामती, खुशहाली और भाईचारे की दुआ कराई।
शिया मस्जिदों में भी समुदाय के लोगों ने तकरीर के बाद नमाज अदा की, जिसमें दरगाह फातमान, असना अशरी, लाट सरैया, अर्दलीबाजार सहित कई स्थान शामिल रहे, वहीं अहले हदीस मस्जिदों में महिलाओं ने भी पर्दे में सामूहिक रूप से नमाज अदा कर धार्मिक सहभागिता निभाई।
त्योहार के दौरान प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की, जहां मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास पुलिस बल तैनात रहा और वरिष्ठ अधिकारी लगातार गश्त करते रहे, जबकि सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी की गई और पुलिस कमिश्नर स्वयं व्यवस्था की मॉनिटरिंग करते रहे।
धार्मिक नेताओं ने कुर्बानी के दौरान स्वच्छता बनाए रखने, अवशेषों को सार्वजनिक स्थानों पर न फेंकने और निर्धारित स्थलों का उपयोग करने की अपील की, साथ ही सोशल मीडिया पर कुर्बानी के वीडियो साझा न करने का भी आग्रह किया गया, ताकि सामाजिक सौहार्द और स्वच्छता बनी रहे।











