नई दिल्ली, 29 मई।
देश के पूर्व प्रधानमंत्री, प्रमुख किसान नेता, स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि के अवसर पर शुक्रवार को देशभर में उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर उपराष्ट्रपति, लोकसभा अध्यक्ष, केंद्रीय मंत्रियों, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित अनेक राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके योगदान को स्मरण करते हुए किसान हित, ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में उनके कार्यों को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने सोशल मीडिया मंच पर संदेश जारी करते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह केवल राजनेता नहीं थे, बल्कि ग्रामीण भारत की वास्तविक भावना को समझने वाले दूरदर्शी नेता थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन किसानों, मजदूरों और कृषि आधारित समाज के उत्थान के लिए समर्पित किया। सामाजिक न्याय और ग्रामीण विकास की दिशा में उनके प्रयास सदैव प्रेरणा देते रहेंगे।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने संदेश में कहा कि चौधरी चरण सिंह का जीवन गांवों और किसानों के कल्याण के संघर्ष का प्रतीक रहा। किसानों के अधिकारों की रक्षा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और वंचित वर्गों को सम्मान दिलाने में उनकी भूमिका ऐतिहासिक रही, जिसके लिए देश सदैव उनका ऋणी रहेगा।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उन्हें नमन करते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर आपातकाल तक लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और सशक्त किसान की अवधारणा को मजबूती दी, जो आज भी प्रासंगिक है। उनकी सादगी और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चौधरी चरण सिंह को भारतीय राजनीति का जननायक बताते हुए कहा कि किसानों के अधिकारों और सम्मान के लिए उनका संघर्ष सदैव याद रखा जाएगा। भूमि सुधार और जमींदारी उन्मूलन जैसे कदमों से ग्रामीण समाज को नई दिशा मिली। वे गंभीर चिंतक और लेखक भी थे, जिन्होंने कृषि मुद्दों को राष्ट्रीय विमर्श में स्थापित किया।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चौधरी चरण सिंह के विचारों में गांव, गरीब और किसान के विकास की गहरी भावना थी। उनका मानना था कि भारत की वास्तविक प्रगति गांवों से जुड़ी है। उनके विचार आज भी आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में मार्गदर्शन देते हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उनका जीवन किसानों के सम्मान और स्वाभिमान को समर्पित रहा और उनका संघर्ष आज भी ‘अन्नदाता’ के सम्मान की भावना को मजबूत करता है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनका योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा और उन्होंने किसानों की समस्याओं को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनके ऐतिहासिक निर्णय और जनकल्याणकारी नीतियां आज भी नीति निर्माण में मार्गदर्शन देती हैं और ग्रामीण भारत के विकास में उनकी भूमिका अमिट है।
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे किसानों के अधिकारों के सच्चे रक्षक थे और ग्रामीण विकास में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा।
उल्लेखनीय है कि चौधरी चरण सिंह (1902–1987) देश के पांचवें प्रधानमंत्री और प्रमुख किसान नेता रहे हैं, जिन्हें किसानों का मसीहा कहा जाता है। उन्होंने अपना जीवन ग्रामीण अर्थव्यवस्था, भूमि सुधार और किसान अधिकारों को मजबूत करने में समर्पित किया। उनके जन्मदिन को राष्ट्रीय किसान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
उनका राजनीतिक और सामाजिक जीवन आज भी ग्रामीण समाज और किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जाता है और उनके विचार भारतीय कृषि व्यवस्था के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं।










