जम्मू, 29 मई।
इस वर्ष होने वाली 57 दिवसीय अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को अत्यधिक मजबूत करने के लिए 670 अर्धसैनिक कंपनियों की तैनाती का निर्णय लिया गया है। यह पवित्र यात्रा 3 जुलाई से प्रारंभ होकर 28 अगस्त तक जारी रहेगी और इस दौरान देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हिमालय स्थित पवित्र गुफा में भगवान शिव के दर्शन करने पहुंचने की संभावना है।
दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित अमरनाथ गुफा मंदिर तक जाने वाले पूरे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारी की गई है। यात्रा मार्ग के कुछ ऊंचाई वाले क्षेत्रों और राष्ट्रीय राजमार्ग के हिस्सों पर सेना की भी तैनाती की जाएगी, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
केंद्र सरकार ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद अंतिम योजना तैयार की है। इसके तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 670 कंपनियां लखनपुर प्रवेश द्वार से लेकर पवित्र गुफा तक पूरे मार्ग में तैनात रहेंगी। इनमें नुनवान (पहलगाम) और बालटाल बेस कैंप, यात्री निवास जम्मू, पठानकोट-जम्मू और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित सभी प्रमुख यात्रा मार्ग शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार अतिरिक्त अर्धसैनिक कंपनियां जून की शुरुआत तक केंद्र शासित प्रदेश में पहुंचना शुरू कर देंगी और पूरी तैनाती यात्रा शुरू होने से लगभग एक सप्ताह पहले पूरी कर ली जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था में जम्मू-कश्मीर पुलिस भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और संयुक्त रूप से तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
सुरक्षा तंत्र इस तरह तैयार किया गया है कि सामान्य आतंकवाद-रोधी अभियानों पर कोई असर न पड़े। बालटाल और चंदनवारी मार्ग सहित पवित्र गुफा क्षेत्र की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित कर विस्तृत योजना बनाई गई है।
बेस कैंपों जैसे बालटाल, नुनवान और यात्री निवास जम्मू में भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। राष्ट्रीय राजमार्गों पर रोड ओपनिंग पार्टियों के साथ नियमित गश्त की व्यवस्था अर्धसैनिक बलों और स्थानीय पुलिस द्वारा की जाएगी।
जम्मू-श्रीनगर रेलवे ट्रैक पर भी सुरक्षा को सख्त किया जाएगा, क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के वंदे भारत एक्सप्रेस से यात्रा करने की संभावना है। वर्तमान में दो रेल सेवाएं संचालित हैं और यात्रा के दौरान इनमें वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।
तीर्थयात्रियों के पंजीकरण के लिए पंजाब नेशनल बैंक के साथ जम्मू-कश्मीर बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और यस बैंक की नामित शाखाओं के माध्यम से देशभर में व्यवस्था की गई है।












