भुवनेश्वर, 29 मई।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक गुरुवार को भुवनेश्वर में प्रारंभ हो गई, जिसमें शिक्षा से जुड़े विविध महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा का क्रम शुरू हुआ। बैठक का उद्घाटन राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी और राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने दीप प्रज्वलन के साथ किया।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि बैठक में शिक्षा, वैश्विक परिदृश्य, सेवा, खेल, पर्यावरण, तकनीक सहित अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा त्रि-भाषा नीति को पूर्ण रूप से लागू करने का निर्णय भारतीय शिक्षा के स्वदेशीकरण और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश में रोजगार और उच्च शिक्षा के लिए बढ़ते अंतर-राज्यीय प्रवास को देखते हुए भारतीय भाषाओं का ज्ञान विद्यार्थियों के भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी है। साथ ही उन्होंने संक्रमण काल में पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता और शिक्षकों की कमी जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए बोर्ड द्वारा दिए गए लचीले समाधान को सराहनीय बताया।
परिषद का मानना है कि त्रि-भाषा व्यवस्था के अनुरूप बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन भी किया जाना चाहिए, जिससे यह नीति अधिक प्रभावी ढंग से लागू हो सके। बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, भारतीय भाषाओं के संवर्धन और त्रि-भाषा नीति के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा प्रस्तावित है।
संगठन का यह भी मत है कि यह नीति भविष्य में भारतीय भाषाओं के सुदृढ़ीकरण और भाषाई विविधता के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी तथा शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक परिवर्तन का माध्यम बनेगी। बैठक में इससे जुड़े सुझावों और आगामी कार्ययोजना पर भी विचार किया जाएगा।











