जलपाईगुड़ी, 01 जून।
गर्मी की छुट्टियों के बाद सोमवार से पश्चिम बंगाल के सरकारी विद्यालयों में फिर से शैक्षणिक गतिविधियां शुरू हो गईं। नए सत्र के पहले दिन राज्य सरकार के निर्देशों के अनुरूप विद्यालयों में प्रार्थना सभा आयोजित की गई और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। हाल ही में राज्य सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों में प्रार्थना के दौरान ‘वंदे मातरम्’ गाए जाने को अनिवार्य बनाया है।
जलपाईगुड़ी स्थित सोनाउल्ला प्राथमिक विद्यालय में सुबह छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर में निर्धारित कतारों में खड़े होकर एक साथ ‘वंदे मातरम्’ गाते नजर आए। इसके उपरांत प्रार्थना सभा संपन्न हुई और नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन प्रारंभ किया गया।
ऐसा ही वातावरण राज्य के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में भी देखने को मिला, जहां विद्यार्थियों ने नए निर्देश के तहत उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भागीदारी की। स्कूल खुलने के पहले दिन इस पहल को लेकर छात्रों में विशेष उत्सुकता दिखाई दी।
इस नई व्यवस्था को अभिभावकों, शिक्षकों और शिक्षा कर्मियों का भी समर्थन मिला है। उनका मानना है कि इससे विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति जुड़ाव और जागरूकता की भावना को बल मिलेगा।
राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर राष्ट्रीय एकता, देशप्रेम और सामूहिक चेतना को प्रोत्साहित करना है। इसी सोच के साथ स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन की व्यवस्था लागू की गई है।











