भोपाल, 01 जून ।
मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए प्राथमिक शिक्षक वर्ग-3 एवं माध्यमिक शिक्षक वर्ग-2 (संगीत एवं नृत्य) के चयनित अभ्यर्थियों ने सोमवार को भोपाल स्थित लोक शिक्षण संचालनालय कार्यालय के बाहर धरना देकर अपनी लंबित नियुक्ति को लेकर विरोध दर्ज कराया। अभ्यर्थियों का कहना है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने और दस्तावेज सत्यापन के बाद भी उन्हें नियुक्ति नहीं मिल पाई है, जिससे उनका धैर्य लगातार टूट रहा है।
धरना दे रहे अभ्यर्थियों ने देशभक्ति गीतों के माध्यम से अपनी पीड़ा और मांगों को अनोखे अंदाज में व्यक्त किया तथा सरकार से तत्काल नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की अपील की। उनका कहना है कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे निराशा बढ़ती जा रही है।
बालाघाट से आए चयनित अभ्यर्थी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों की पढ़ाई और मेहनत के बाद चयन होने के बावजूद नौकरी न मिलना बेहद निराशाजनक है। उन्होंने बताया कि चयन सूची में नाम आने और दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बाद भी नियुक्ति अटकी हुई है, जिससे अब भविष्य को लेकर संशय की स्थिति बन गई है।
अभ्यर्थियों ने बताया कि वे अब तक कई बार भोपाल आकर ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला है और स्थिति जस की तस बनी हुई है। लगभग 1100 चयनित संगीत एवं नृत्य शिक्षकों का भविष्य इस देरी के कारण प्रभावित हो रहा है और वे लगातार स्कूल चयन प्रक्रिया शुरू किए जाने की मांग कर रहे हैं।
एक अन्य चयनित अभ्यर्थी ने बताया कि पात्रता परीक्षा 2023 में और चयन परीक्षा 2025 में संपन्न हुई थी, लेकिन दस्तावेज सत्यापन के बाद भी छह माह से अधिक समय बीत जाने पर नियुक्ति नहीं दी गई। नियमों के अनुसार समयसीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए थी, लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट समय घोषित नहीं किया गया है।
जबलपुर से आई एक चयनित शिक्षिका ने बताया कि वह अपने छोटे बच्चे को घर पर छोड़कर आंदोलन में शामिल हुई हैं और चयन के बाद नौकरी की उम्मीद में पूर्व कार्यस्थल भी छोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि देरी के कारण अब लोग चयन पर भी सवाल उठाने लगे हैं, जिससे मानसिक दबाव बढ़ रहा है।
सिवनी से आई एक चयनित अभ्यर्थी ने भावुक होकर बताया कि वह सिंगल मदर हैं और आर्थिक तंगी के बावजूद संघर्ष कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल होने के लिए भी उन्हें उधार लेना पड़ा, लेकिन नियुक्ति न मिलने से निराशा और कठिनाई दोनों बढ़ती जा रही हैं।
धरने के दौरान चयनित शिक्षकों ने देशभक्ति और प्रेरणादायक गीत गाकर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। उनका कहना था कि वे शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से चयनित हुए हैं, लेकिन नियुक्ति में लगातार देरी से उनका उत्साह कमजोर पड़ रहा है।
चयनित शिक्षकों ने अपनी प्रमुख मांगों में स्कूल चयन प्रक्रिया तुरंत शुरू करने, दस्तावेज सत्यापन शीघ्र पूरा करने, मान्य-अमान्य डिग्री की सूची सार्वजनिक करने, नियुक्ति की स्पष्ट समयसीमा तय करने तथा अन्य विषयों के चयनित अभ्यर्थियों के समान अवसर देने की मांग शामिल की है।




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