कोलकाता, 29 मई।
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री सुजीत बोस को कलकत्ता उच्च न्यायालय से फिलहाल कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है। शुक्रवार को न्यायमूर्ति शम्पा दत्त पाल की अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिका पर सुनवाई अब नियमित पीठ के समक्ष होगी और अभी के लिए किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती।
सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सुजीत बोस की गिरफ्तारी से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, सुजीत बोस को भी इस मामले में अपना हलफनामा जमा करने को कहा गया है। सुजीत बोस के वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल मामले में आरोपित नहीं हैं और गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है, लेकिन अदालत ने तत्काल राहत की मांग को स्वीकार नहीं किया।
गौरतलब है कि सुजीत बोस को ईडी ने 11 मई को दक्षिण दमदम नगरपालिका में कथित अवैध नियुक्तियों के मामले में गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि करीब 150 अभ्यर्थियों की नियुक्ति के लिए अवैध तरीके से सिफारिश की गई थी। ईडी इस बात की गहन जांच कर रही है कि कथित भ्रष्टाचार से अर्जित धनराशि किन बैंक खातों में भेजी गई और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था। फिलहाल सुजीत बोस जेल हिरासत में हैं।










