मालदा, 02 जून।
पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना में बड़े घोटाले का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। हरिश्चंद्रपुर के सोनाकुल गांव की निवासी नून नाहर ने आरोप लगाया है कि 2021 में योजना के लिए आवेदन करने के बावजूद उन्हें अब तक एक भी किश्त नहीं मिली है। चौंकाने वाली बात यह है कि बैंक स्टेटमेंट से यह खुलासा हुआ है कि पिछले पांच वर्षों से उनके नाम पर जारी सरकारी सहायता राशि एक स्थानीय गृह शिक्षक गोलाम मोर्तुजा के बैंक खाते में जमा हो रही थी।
इस अनियमितता के सामने आने के बाद इलाके में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आरोपी शिक्षक गोलाम मोर्तुजा ने अपनी सफाई में कहा है कि उन्हें इस राशि के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और मीडिया के माध्यम से पता चलने के बाद उन्होंने बैंक जाकर स्थिति की जांच की है। हालांकि, पांच वर्षों तक खाते में लगातार सरकारी राशि आने के बावजूद अनभिज्ञता जताने के उनके दावे पर स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं। पीड़िता नून नाहर ने बताया कि उन्होंने पूर्व में 'दुआरे सरकार' शिविरों में कई बार शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले को व्यापक घोटाला करार देते हुए दावा किया है कि इस गड़बड़ी से 300 से अधिक परिवार प्रभावित हो सकते हैं। भाजपा नेता ओमप्रकाश घोष ने लक्ष्मी भंडार के अलावा अन्य सरकारी योजनाओं में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के विधायक मतिबुर रहमान ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और पूर्व विधायक के करीबियों की संलिप्तता की जांच के भी संकेत दिए हैं। पांच वर्षों तक सरकारी धन के गलत हस्तांतरण ने प्रशासन की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।











