नई दिल्ली, 29 मई ।
म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग शनिवार से तीन जून तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और म्यांमार के राष्ट्रपति के बीच द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत म्यांमार के राष्ट्रपति के स्वागत को लेकर उत्साहित है और दोनों देशों के संबंधों से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विषय बातचीत का हिस्सा होंगे। माना जा रहा है कि सुरक्षा, व्यापार, सीमा प्रबंधन और सहयोग को लेकर कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा।
भारत-चीन सीमा मामलों को लेकर हाल ही में हुई परामर्श एवं समन्वय तंत्र की बैठक पर भी विदेश मंत्रालय ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय के अनुसार बैठक रचनात्मक रही, जिसमें सीमा निर्धारण, सीमा प्रबंधन, सहयोग तंत्र और सीमावर्ती नदियों से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
विदेश मंत्रालय ने यह भी जानकारी दी कि भारत ने अफ्रीका में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा सहायता की पहली खेप भेजी है, जिसे युगांडा में भारतीय उच्चायुक्त ने संबंधित कार्यालय को सौंपा।
बांग्लादेशी अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर मंत्रालय ने कहा कि भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अब तक 2,680 से अधिक मामलों में नागरिकता सत्यापन के लिए बांग्लादेश से संपर्क किया गया है और प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वासन की कार्रवाई की जाएगी।
फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों की स्थिति पर जानकारी देते हुए मंत्रालय ने बताया कि 11 भारतीय ध्वज वाले पोत अब भी क्षेत्र में मौजूद हैं, जबकि 14 जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत पहुंच चुके हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर मंत्रालय ने कहा कि अप्रैल में भारतीय व्यापार दल अमेरिका गया था और अगले सप्ताह अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत आने वाला है, जिससे बातचीत को आगे बढ़ाया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने अब तक की वार्ताओं को सकारात्मक और रचनात्मक बताया।
ऊर्जा सुरक्षा के मुद्दे पर भारत ने दोहराया कि देश विभिन्न वैश्विक बाजारों से ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की दिशा में काम कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का स्वागत करता है। वहीं बोलीविया की स्थिति पर भारत ने कहा कि घटनाक्रम पर करीबी नजर रखी जा रही है।










