नई दिल्ली, 30 मई ।
देशभर के कई परीक्षा केंद्रों पर सीयूईटी-यूजी 2026 परीक्षा में देरी के बाद शनिवार को राजनीतिक माहौल गरमा गया। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने बाद में इसे तकनीकी खामी बताया और कहा कि परीक्षा थोड़ी देरी के बाद आयोजित कराई गई।
इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी के नेताओं ने परीक्षा केंद्रों पर मची अव्यवस्था के वीडियो साझा करते हुए केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। पार्टी की एक वरिष्ठ नेता ने इसे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में लगातार हो रही गड़बड़ियों की कड़ी बताया।
उन्होंने हाल के वर्षों की परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले नीट, फिर सीबीएसई और अब सीयूईटी जैसी परीक्षाओं में भी समस्याएं सामने आ रही हैं।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ सांसद ने भी इसी मुद्दे को उठाते हुए कर्मचारी चयन आयोग की परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं का जिक्र किया और पूरी परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है और व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी है।
वहीं विपक्षी दलों के एक प्रमुख नेता ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश को एक शिक्षित नेतृत्व की आवश्यकता है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
सीयूईटी परीक्षा में आई इस तकनीकी खामी के चलते सुबह की पाली में कई केंद्रों पर परीक्षा दो घंटे से अधिक देर से शुरू हुई। इसके बाद दोपहर की पाली के समय में भी बदलाव किया गया और नई समय-सारिणी जारी की गई।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने बयान जारी कर तकनीकी सहयोगी संस्था को इस देरी के लिए जिम्मेदार बताया और कहा कि समस्या का समाधान कर लिया गया है तथा परीक्षार्थियों को अतिरिक्त समय देकर परीक्षा कराई गई ताकि किसी को नुकसान न हो। एजेंसी ने असुविधा के लिए खेद जताते हुए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया।
सीयूईटी-यूजी परीक्षा को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्नातक प्रवेश के लिए एक समान मूल्यांकन प्रणाली के रूप में शुरू किया गया था, लेकिन बार-बार सामने आ रही तकनीकी और प्रबंधन संबंधी समस्याओं ने इसकी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।











