पटना, 30 मई ।
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास खाली नहीं करने संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि राज्य में अब कानून का शासन है और कोई भी व्यक्ति नियमों से ऊपर नहीं हो सकता, चाहे वह कितना भी बड़ा पदाधिकारी या पूर्व मुख्यमंत्री ही क्यों न रहा हो।
उन्होंने कहा कि सरकारी आवास किसी व्यक्ति या परिवार की निजी संपत्ति नहीं होती, बल्कि यह जनता के कर से निर्मित सार्वजनिक संपत्ति है, जिसका आवंटन और पुनः आवंटन सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाता है।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि लालू परिवार की राजनीति हमेशा से सत्ता को निजी अधिकार समझने की रही है और यही कारण है कि वे सरकारी संसाधनों को जनता की धरोहर के बजाय निजी संपत्ति की तरह देखते हैं।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नियमों का पालन सभी के लिए समान है और किसी भी प्रकार की अवहेलना संवैधानिक मूल्यों और प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
सरावगी ने यह भी कहा कि राबड़ी देवी द्वारा फोर्स लगाकर आवास खाली कराने की बात कहना उनके रवैये और कानून के प्रति असम्मान को दर्शाता है, जबकि सरकार नियमों के अनुसार ही निर्णय ले रही है।
उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार सुशासन, पारदर्शिता और कानून के शासन के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है तथा किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत या राजनीतिक पक्षपात से दूर रहकर प्रशासनिक निर्णय ले रही है।
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि बिहार की जनता अब परिवारवाद और विशेषाधिकार की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी और जवाबदेही व विकास आधारित शासन की अपेक्षा रखती है।
उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और सभी को समान नियमों का पालन करना होगा, इसलिए सरकारी आवास को खाली करना आवश्यक है।









