खड़गपुर, 01 जून ।
खड़गपुर के हिजली सोसाइटी स्थित मैत्री भवन सभागार में रविवार रात ‘श्रद्धार्घ्य परिवार’ का पांचवां वार्षिक समारोह हर्षोल्लास और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर सहस्र पूर्ण चंद्र दर्शन से धन्य वरिष्ठ समाजसेवी स्वर्गीय श्यामसुंदर बर को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 15 मेधावी छात्र-छात्राओं को शिक्षा सहायक सम्मान निधि प्रदान करना रहा, जिसका उद्देश्य उनकी शैक्षिक यात्रा को सुगम बनाना है।
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों को ‘श्रद्धार्घ्य स्मारक सम्मान-2026’ से नवाजा गया। समाज सेवा में सक्रिय एक्यूप्रेशर थेरेपिस्ट मृत्युंजय भट्टाचार्य, साहित्यकार सुनील माझी और नृत्यांगना रिंकू चटर्जी को उनके विशिष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, बाल कलाकार अहना और अद्रिजा को उनकी मंत्रोच्चारण एवं संगीत प्रतिभा के लिए, तथा भारत सेवाश्रम संघ, डोकरा (झाड़ग्राम) के अध्यक्ष स्वामी सुरेशानंद महाराज को सेवा एवं सनातन धर्म के प्रचार में उनके योगदान हेतु सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम का आध्यात्मिक शुभारंभ रूमा पड़िया द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता के पंद्रहवें अध्याय के पाठ से हुआ। इस भव्य समारोह में आईआईटी खड़गपुर के प्रख्यात प्राध्यापकों, स्थानीय मातृशक्ति, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
संस्था के संयोजक अशोक कुमार पाड़िया ने ‘श्रद्धार्घ्य’ की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह एक सामाजिक-सांस्कृतिक पहल है, जो समाजसेवियों, वरिष्ठ नागरिकों और विशिष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित करने के साथ-साथ उनके योगदान को स्मरणीय बनाने के लिए समर्पित है। उन्होंने संस्था के मुख्य उद्देश्यों को दोहराते हुए कहा कि शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को बढ़ावा देना तथा समाज के वंचित वर्गों की सेवा करना ही ‘श्रद्धार्घ्य परिवार’ का मूल लक्ष्य है। सम्मान वितरण और मनोहारी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।











