कोलकाता, 01 जून ।
कोलकाता के युवा भारती क्रीड़ांगन में फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुई कथित अव्यवस्था और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री अरूप विश्वास की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। गिरफ्तारी की आशंका के चलते अरूप विश्वास ने सोमवार को बारासात अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है।
यह विवाद तब गहरा गया जब आयोजनकर्ता शतद्रु दत्त ने अरूप विश्वास समेत कुछ अन्य लोगों के विरुद्ध लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसी शिकायत के आधार पर गत शनिवार को बिधाननगर दक्षिण थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूर्व मंत्री के खिलाफ पांच गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है, जिनमें जबरन वसूली, धोखाधड़ी, आपराधिक धमकी, आपराधिक साजिश और समान उद्देश्य के तहत अपराध शामिल हैं। शतद्रु दत्त ने इस कानूनी कार्रवाई की जानकारी सोशल मीडिया पर सार्वजनिक करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक और डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता के प्रति आभार व्यक्त किया था।
शतद्रु दत्त का आरोप है कि अरूप विश्वास और प्रशासन के कुछ अधिकारियों की लापरवाही के कारण मेसी का कार्यक्रम पूरी तरह अव्यवस्थित हो गया। उन्होंने दावा किया कि बिना अनुमति बड़ी संख्या में लोगों को स्टेडियम में प्रवेश कराया गया, जिससे टिकट खरीदकर आए दर्शक मेसी का दीदार करने से वंचित रह गए। अफरा-तफरी का आलम यह था कि मेसी और उनके सहयोगियों को बीच कार्यक्रम से ही स्थल छोड़ना पड़ा।
गौरतलब है कि युवा भारती क्रीड़ांगन की इस घटना के बाद से ही अरूप विश्वास विवादों के घेरे में थे और मामले की जांच शुरू होते ही उन्हें अपने खेल मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था। पुलिस ने अदालत को सूचित किया है कि इस कार्यक्रम के लिए करीब 35 हजार दर्शकों ने टिकट खरीदे थे, जिससे लगभग 19 करोड़ रुपये की आय हुई थी। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा सरकार के गठन के साथ ही यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है, जिस पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं।











