सिलीगुड़ी, 01 जून ।
पांच साल के लंबे इंतजार के बाद सिलीगुड़ी को राज्य मंत्रिमंडल में पुनः एक पूर्ण मंत्री का स्थान प्राप्त हुआ है। शहर के जाने-माने व्यक्तित्व, शिक्षक और दो बार के विधायक शंकर घोष को यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजनीति के गलियारों में "जायंट किलर" के रूप में चर्चित शंकर घोष ने हालिया 2026 के विधानसभा चुनाव में अपनी इस ख्याति को एक बार फिर सिद्ध कर दिखाया है। इस चुनाव में उन्होंने सिलीगुड़ी के मेयर और राज्य के पूर्व मंत्री गौतम देव को लगभग 70 हजार मतों के भारी अंतर से पराजित कर एक ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जिसने शहरवासियों में उत्साह का संचार कर दिया है।
शंकर घोष की यह सफलता कोई इत्तेफाक नहीं है। 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने तत्कालीन दिग्गज वामपंथी नेता अशोक भट्टाचार्य को हराकर अपनी राजनीतिक धाक जमाई थी। वाम दल छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद मिली उस बड़ी सफलता को उन्होंने 2026 में भी दोहराया और गौतम देव जैसे अनुभवी राजनीतिज्ञ को शिकस्त देकर यह साबित कर दिया कि सिलीगुड़ी की जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का आधार अत्यंत सुदृढ़ है। पेशे से शिक्षक शंकर घोष अपनी सहजता, सादगी और आमजन के साथ सीधे जुड़ाव के लिए विशेष रूप से पहचाने जाते हैं।
उनके मंत्री बनने की घोषणा के बाद राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से ऊपर उठकर सराहना का दौर भी देखने को मिला। पूर्व मंत्री अशोक भट्टाचार्य ने इसे शहर के लिए गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि वे एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जरूर हैं, लेकिन शहर के एक बेटे के मंत्री बनने की खबर सुखद है। वहीं, सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देव ने भी उम्मीद जताई कि वे जन-अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे।
शंकर घोष के मंत्री बनने के साथ ही सिलीगुड़ी में उत्सव का वातावरण है। वरिष्ठ नागरिक उत्पल दास का मानना है कि एक शिक्षक का मंत्री बनना शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सुधार की नई उम्मीदें जगाता है। स्थानीय युवाओं को उम्मीद है कि अपनी साफ-सुथरी छवि और आम जनता से जुड़ाव के चलते वे न केवल सिलीगुड़ी की बुनियादी समस्याओं जैसे ट्रैफिक और स्वास्थ्य का समाधान करेंगे, बल्कि पूरे उत्तर बंगाल में औद्योगीकरण और रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाएंगे।











