कोरबा, 01 जून।
त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के तहत करतला विकासखंड की ग्राम पंचायत सलिहाभांठा में सरपंच पद के लिए मतदान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जारी है। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की भीड़ जुटी हुई है और भीषण गर्मी के बावजूद ग्रामीणों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
यहां कुल 1456 मतदाता बैलेट बॉक्स के माध्यम से अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं और दो प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला कर रहे हैं। मतदान केंद्रों पर लगातार लोगों की आवाजाही बनी हुई है।
ग्राम पंचायत सलिहाभांठा का यह क्षेत्र पूर्व सांसद स्वर्गीय डॉ. बंशीलाल महतो तथा पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर का गृह ग्राम रहा है। वर्ष 2025 के पंचायत चुनाव में युवा प्रत्याशी नवरंगलाल कंवर को सरपंच चुना गया था, जिन्हें ग्रामीणों ने विकास की जिम्मेदारी सौंपी थी, लेकिन तीन माह बाद ही उनके आकस्मिक निधन से पूरा गांव शोक में डूब गया और पद रिक्त हो गया।
करीब एक वर्ष बाद अब इस पद के लिए उपचुनाव कराया जा रहा है, जिसमें सबसे दिलचस्प मुकाबला सामने आया है। यहां पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर के परिवार के दो सदस्य आमने-सामने चुनावी मैदान में हैं, जिससे मुकाबला रोचक बन गया है।
एक ओर उनकी भांजा बहू प्रभा देवी रामप्रसाद कंवर हैं, जो पूर्व में सरपंच रह चुकी हैं और अपने अनुभव के आधार पर मतदाताओं से समर्थन मांग रही हैं, जबकि दूसरी ओर उनके सगे भतीजे विजय कंवर हैं, जो पंचायत के समग्र विकास और नई सोच के साथ चुनाव मैदान में हैं।
ग्राम पंचायत के इतिहास में यह पहली बार है जब मुख्य ग्राम सलिहाभांठा, जहां लगभग 60 प्रतिशत मतदाता निवास करते हैं, वहां से कोई प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ रहा है। दोनों प्रत्याशी आश्रित ग्राम बंधवाभांठा से हैं। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि सर्वसम्मति से नेतृत्व तय होगा, लेकिन सहमति न बनने के कारण मतदान की स्थिति बनी।
मतदान सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक जारी है। सुविधा के लिए सलिहाभांठा और बंधवाभांठा में दो-दो मतदान केंद्र बनाए गए हैं। कुल 1456 मतदाताओं में 745 पुरुष और 711 महिला मतदाता शामिल हैं। मुख्य ग्राम के मतदाता परिणाम को निर्णायक रूप से प्रभावित करने वाले माने जा रहे हैं।
सुबह 10:30 बजे तक ही सलिहाभांठा के 458 मतदाताओं में से 300 से अधिक मतदान कर चुके थे। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित सभी वर्गों में मतदान को लेकर उत्साह देखने को मिला और केंद्रों पर लोकतंत्र का पर्व जीवंत नजर आया।
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। पुलिस बल की तैनाती के साथ पूरे क्षेत्र पर निगरानी रखी जा रही है, जबकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मतदाताओं की सुविधा के लिए हेल्थ कैंप भी लगाया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता मिल सके।
अब सभी की निगाहें मतदान समाप्ति और परिणामों पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि मतदाता प्रभा देवी रामप्रसाद कंवर के अनुभव पर भरोसा जताते हैं या फिर विजय कंवर की नई सोच को पंचायत की जिम्मेदारी सौंपते हैं।






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