नोएडा, 05 जून।
नोएडा में एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में हुई आगजनी की घटना ने शहर में चल रहे पीजी (पेइंग गेस्ट) और होटलों की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हजारों युवाओं और परिवारों के लिए आश्रय बने ये पीजी अधिकांशतः बिना पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के अभाव में संचालित हो रहे हैं। एक पड़ताल में सामने आया है कि नोएडा में 5,000 से अधिक पीजी होने के बावजूद पर्यटन विभाग में इनका पंजीकरण न के बराबर है।
इन इमारतों की स्थिति बेहद भयावह है। नवादा, हाजीपुर, ममूरा और बरौला जैसे इलाकों में पीजी और होटलों के लिए संकरी गलियाँ और एक ही निकास द्वार (एग्जिट गेट) हैं। यदि कहीं आग लग जाए, तो दमकल वाहनों का पहुँचना तो दूर, लोगों के बाहर निकलना भी नामुमकिन है। कई जगहों पर एक ही बिल्डिंग में होटल और पीजी दोनों चल रहे हैं, जहाँ अग्निशमन सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं हैं।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी दीपिका ने स्पष्ट किया कि सरकार ने पीजी का पंजीकरण समाप्त कर दिया है और अब केवल 'होम स्टे' व 'बीएनबी' का पंजीकरण होता है, जिसमें मालिक का उसी परिसर में रहना अनिवार्य है और कमरों की संख्या छह से अधिक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा नोएडा में केवल तीन केंद्र ही पंजीकृत हैं। ऐसे में बाकी हजारों पीजी पूरी तरह अवैध हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन विभाग की है।















