जयपुर, 05 जून।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टोंक टीम ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के एक सहायक अभियंता और उसके सहयोगी कंप्यूटर ऑपरेटर को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने परिवादी से उनके घर का जब्त बिजली मीटर वापस लौटाने और वीसीआर नहीं भरने की एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत ली थी।
एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने जानकारी दी कि चार जून को बिजली विभाग की एक टीम ने परिवादी के घर पहुंचकर मीटर को जब्त कर लिया था। इसके बाद एईएन नवनीत सिंह गुर्जर ने परिवादी पर वीसीआर भरने का दबाव बनाया और मीटर वापस देने के लिए 25 हजार रुपये की मांग की। परिवादी की शिकायत पर एसीबी ने सत्यापन किया, जिसमें सौदा 20 हजार रुपये में तय हुआ।
शुक्रवार को जैसे ही परिवादी ने एईएन के निर्देशानुसार कार्यालय में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर मोहम्मद शाजिम को रिश्वत की रकम सौंपी, एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। शाजिम ने रकम को अपने हाथों से गिनकर रख लिया था। एईएन नवनीत सिंह गुर्जर को भी इस प्रकरण में गिरफ्तार कर लिया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा के नेतृत्व में की गई इस ट्रैप कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से ही घूस की पूरी राशि बरामद कर ली। एसीबी के अनुसार, दोनों आरोपितों से कड़ी पूछताछ की जा रही है और उनके भ्रष्टाचार से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच भी की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद से विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।







.jpg)







