नई दिल्ली, 12 मई।
इंडिया पोस्ट को आधुनिक और तकनीक आधारित सेवा नेटवर्क में बदलने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम बढ़ाया है। संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने इंडिया पोस्ट के अगली पीढ़ी के डिजिटल प्लेटफॉर्म एपीटी 2.0 की विस्तृत समीक्षा करते हुए इसे डाक सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार इंडिया पोस्ट को अधिक दक्ष और कॉर्पोरेट शैली की कार्यप्रणाली की ओर ले जा रही है। उनके अनुसार एपीटी 2.0 शाखा कार्यालयों को वास्तविक समय की जानकारी उपलब्ध करा रहा है, जिससे स्थानीय जरूरतों का आकलन, प्रदर्शन की निगरानी और क्षेत्रीय स्तर पर त्वरित निर्णय लेने में सहायता मिल रही है।
उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रणाली के जुड़ने से इंडिया Post बड़े स्तर पर परिचालन संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण कर सकेगा। इससे भविष्य की जरूरतों का अनुमान लगाने, नियमित कार्यों को स्वचालित करने और सेवा वितरण को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
डॉ. पेम्मासानी के अनुसार नई तकनीक से तेज सेवा, मानवीय हस्तक्षेप में कमी, बेहतर निर्णय क्षमता, ग्राहक संतुष्टि में सुधार और अधिक विश्वसनीय संचालन जैसे लाभ मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एपीटी 2.0 शाखा स्तर पर उपलब्ध आंकड़ों को उपयोगी जानकारी में बदलकर नए राजस्व अवसर पैदा करने और बदलते लॉजिस्टिक्स माहौल में इंडिया पोस्ट की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करेगा।
राज्य मंत्री ने कहा कि इंडिया पोस्ट को एक मजबूत राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो डिजिटल रूप से सशक्त और सेवा-केंद्रित व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव है। इसके क्रियान्वयन की निगरानी जमीनी स्तर पर लगातार की जा रही है।
उन्होंने साइबर सुरक्षा और डेटा सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार की डिजिटल पहल डेटा की सुरक्षा और मजबूत साइबर संरचना सुनिश्चित कर रही है। इससे भविष्य के लिए अधिक भरोसेमंद और सुरक्षित सार्वजनिक सेवा प्रणाली विकसित होगी।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय संचार मंत्री के नेतृत्व में इंडिया पोस्ट तकनीक आधारित बदलावों के जरिए अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुंच और राष्ट्रीय संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह पहल विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप मानी जा रही है।








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