सागर, 06 मई
सागर जिले में समर्थन मूल्य पर चना और मसूर की खरीद के दौरान उपार्जन केंद्र पर अनियमितता सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर प्रतिभा पाल के औचक निरीक्षण में केसली क्षेत्र के एक केंद्र पर किसानों की उपज तय मानक से अधिक तौलते हुए पकड़ी गई, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार कलेक्टर ने मंगलवार को केसली स्थित चना और मसूर उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बोरियों की रैंडम जांच करवाई, जिसमें तुलाई में गड़बड़ी उजागर हुई। नियमों के अनुसार जूट बारदाने सहित एक बोरी का अधिकतम वजन 50.580 किलोग्राम होना चाहिए, लेकिन जांच में कई बोरियों का वजन 50.720 से 50.740 किलोग्राम के बीच पाया गया।
इस तरह प्रति बोरी किसानों से लगभग 140 से 160 ग्राम तक अधिक उपज ली जा रही थी। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रशासन ने प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति बम्होरी के प्रबंधक सचेंद्र कुमार जैन को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने बुधवार को संबंधित प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए दो दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर समिति को उपार्जन कार्य से हटाया जा सकता है और दोष सिद्ध होने पर संस्था को ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि इस तरह की अनियमितता सीधे तौर पर किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाती है। भले ही प्रति बोरी अंतर छोटा प्रतीत हो, लेकिन बड़ी मात्रा में उपज की खरीदी के चलते यह नुकसान काफी बढ़ जाता है।
कलेक्टर ने जिले के सभी उपार्जन केंद्रों को भी चेतावनी दी है कि तुलाई और गुणवत्ता मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अन्य केंद्रों पर निगरानी और अधिक कड़ी करने के निर्देश भी दिए गए हैं।








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