नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2026।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अंतरराज्यीय स्तर पर फैले एक बड़े आतंकी, हथियार तस्करी और जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। समय रहते की गई इस कार्रवाई में बड़ी आतंकी साजिश को विफल करने का दावा किया गया है।
दो अलग-अलग अभियानों के दौरान पुलिस ने दिल्ली और पंजाब से कुल 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स के इशारों पर काम कर रहा था और देश की सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां साझा कर रहा था।
स्पेशल सेल की उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी इकाइयों ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की। पहले अभियान में छह आरोपितों को पकड़ा गया, जिनमें पंजाब और दिल्ली दोनों राज्यों के लोग शामिल हैं, जबकि दूसरे अभियान में पांच आरोपितों को पंजाब से गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपितों में तरनतारन, फिरोजपुर, रोहिणी, टटेसर, कपूरथला, फाजिल्का और मोगा जैसे क्षेत्रों के लोग शामिल हैं। पूछताछ में इनके नेटवर्क और विदेशी संपर्कों की परतें खुलती जा रही हैं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपितों ने देश के कई संवेदनशील सैन्य और सुरक्षा ठिकानों के आसपास नौ सोलर पावर सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। इन कैमरों को इस तरह से जोड़ा गया था कि उनकी लाइव फीड मोबाइल एप के जरिए पाकिस्तान तक पहुंच रही थी, जिससे वहां से लगातार निगरानी की जा रही थी।
पुलिस ने इनके कब्जे से विदेशी पिस्टल, देसी हथियार, जिंदा कारतूस, सीसीटीवी कैमरे, सिम कार्ड, मोबाइल फोन, वाहन और दोपहिया वाहन भी बरामद किए हैं। इन संसाधनों का इस्तेमाल हथियारों की ढुलाई और रेकी में किया जा रहा था।
पूछताछ में यह सामने आया कि नेटवर्क की शुरुआत एक गिरफ्तारी से हुई, जिसके बाद पूरे गिरोह का खुलासा हुआ। आरोपित विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए रहते थे और देश के भीतर युवाओं को पैसे का लालच देकर जोड़ते थे।
दूसरे ऑपरेशन में पकड़े गए आरोपित सेना की छावनियों और सीमा सुरक्षा बल के कैंप की रेकी कर फोटो और वीडियो पाकिस्तान भेजते थे। कुछ आरोपित फंड ट्रांसफर, ड्रग्स तस्करी और सीसीटीवी इंस्टॉलेशन में भी शामिल थे।
जांच एजेंसियों के अनुसार यह नेटवर्क हथियार और नशे की तस्करी से मिलने वाले पैसों से संचालित हो रहा था। साथ ही, संवेदनशील ठिकानों पर हमले की साजिश की भी आशंका जताई गई है, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।





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