09 अप्रैल, नई दिल्ली
दिल्ली पुलिस ने जनकपुरी क्षेत्र में दिल्ली जल बोर्ड के कथित खुले गड्ढे में गिरकर बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत के मामले में द्वारका कोर्ट में चार्जशीट पेश की है। जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास हरजोत सिंह औजला ने इस मामले की सुनवाई 30 अप्रैल को निर्धारित की है।
कोर्ट ने सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी और क्षेत्र के एसएचओ को हाजिर होने का आदेश दिया है। पुलिस ने चार्जशीट में आपराधिक साजिश और गैर इरादतन हत्या के आरोप लगाए हैं। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 05, 238A, 238(B), 61(2) और 340(2) के तहत आरोप तय किए गए हैं। कुल तीन लोगों, जिनमें राजेश कुमार प्रजापति और योगेश प्रजापति शामिल हैं, को आरोपी बनाया गया है।
पूर्व में 8 अप्रैल को अदालत ने ठेकेदार राजेश कुमार प्रजापति की जमानत याचिका को अस्वीकार कर दिया था। प्रजापति ने पुलिस हिरासत में गैरकानूनी तरीके से रखे जाने का आरोप लगाया था, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज, गिरफ्तारी मेमो, जनरल डायरी एंट्री और कॉल डिटेल्स यह साबित करते हैं कि हिरासत कानूनी रूप से हुई थी।
मामले की घटना पांच और छह फरवरी की मध्यरात्रि की बताई जा रही है। निजी बैंक में काम करने वाले कमल ध्यानी घर लौटते समय दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खुले छोड़े गए गहरे गड्ढे में गिर गए। गड्ढे में गिरने से ध्यानी की मौत हो गई थी, जो कि सड़क सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के दृष्टिकोण से गंभीर मामला है।


.jpg)


.jpg)

.jpg)
.jpg)
.jpg)

.jpg)
