जबलपुर 12 मई
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की जबलपुर स्थित मुख्य खंडपीठ में मंगलवार को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब न्यायमूर्ति डीडी बसंल अपने सिविल लाइन स्थित आवास से साइकिल चलाकर अदालत पहुंचे। उन्होंने लगभग तीन किलोमीटर की दूरी तय करते हुए पेट्रोल और डीजल की बचत का संदेश दिया।
न्यायमूर्ति बसंल ने अदालत पहुंचने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि यह धारणा गलत है कि न्यायाधीश साइकिल से नहीं जा सकते। उनके अनुसार उन्हें साइकिल से आने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई और सभी नागरिकों को जहां तक संभव हो, साइकिल का उपयोग कर ईंधन की बचत करनी चाहिए।
उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रहित से जुड़ा विषय बताया तथा कहा कि वे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा से प्रेरित होकर यह पहल कर रहे हैं। इस दौरान कुछ न्यायालय कर्मचारियों ने भी बैग और टिफिन के साथ साइकिल से आने-जाने का प्रयास किया।
जबलपुर की व्यस्त सड़कों पर न्यायमूर्ति बसंल सिविल लाइंस स्थित अपने सरकारी आवास से हाईकोर्ट तक साइकिल चलाते नजर आए। इस दौरान कर्मचारियों ने भी उनके साथ साइकिल चलाकर इस पहल में भागीदारी की।
अदालत परिसर पहुंचने पर लोगों की नजरें उनके इस कदम पर टिकी रहीं और यह दृश्य सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में ईंधन की खपत कम करने और सार्वजनिक परिवहन, मेट्रो तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की थी, जिसके बाद यह पहल और भी अधिक ध्यान आकर्षित कर रही है।








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