भोपाल, 08 मई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश का कटनी जिला अब देश के प्रमुख खनिज और औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। सरकार ने यहां खनिज आधारित विकास को नई दिशा देते हुए कटनी को ‘माइनिंग कैपिटल’ के रूप में विकसित करने की योजना पर जोर दिया है।
सरकारी जानकारी के अनुसार कटनी जिले के बड़वारा क्षेत्र में डोलोमाइट के तीन बड़े ब्लॉक्स को खनन निगम के लिए आरक्षित किया गया है। यह क्षेत्र चूना पत्थर, बॉक्साइट, लौह अयस्क, मार्बल और लेटराइट जैसे खनिजों से पहले से ही समृद्ध माना जाता है। अब यहां खनिज उद्योगों के विस्तार से रोजगार के नए अवसर सृजित होने की संभावना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कटनी अब केवल चूना नगरी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह खनिज आधारित औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार का राष्ट्रीय मॉडल बनेगा। उन्होंने इसे प्रदेश की आर्थिक मजबूती का नया आधार बताया।
इसी के साथ स्लीमनाबाद तहसील के इमलिया गांव में लगभग 3.35 लाख टन स्वर्ण अयस्क मिलने का अनुमान लगाया गया है। लंबे समय तक चले भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण के बाद इस क्षेत्र में सोने के भंडार की पुष्टि की गई है। यहां तांबा, जिंक, लेड और चांदी जैसे बहुमूल्य खनिज भी पाए गए हैं।
इस स्वर्ण खनन क्षेत्र के विकास के लिए एक निजी कंपनी को 50 वर्षों के लिए खनन लीज दी गई है। इससे क्षेत्र में निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों में वृद्धि की उम्मीद है।
सरकार ने ‘माइनिंग कॉन्क्लेव 2.0’ के माध्यम से भी कटनी को निवेश का बड़ा केंद्र बनाया है, जहां हजारों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे सीमेंट, खनिज प्रसंस्करण और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विकास की संभावना है।
जिले में आधुनिक तकनीक के जरिए अवैध खनन पर भी नियंत्रण किया जा रहा है और ई-चेक गेट व सर्विलांस सिस्टम से खनिज परिवहन की निगरानी की जा रही है।
सरकार का दावा है कि इन सभी प्रयासों से कटनी न केवल मध्यप्रदेश बल्कि देश के प्रमुख औद्योगिक और खनिज केंद्र के रूप में स्थापित होगा और स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।






.jpg)

.jpg)


