किशनगंज, 15 मई।
जिले में पुलिस व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और अनुशासित बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ने सख्त रुख अपनाते हुए दो पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है तथा कई थानों में व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया गया है।
लापरवाही और कथित अनुशासनहीनता के मामलों पर कार्रवाई करते हुए यह कदम उठाया गया है, जिसके तहत विभिन्न थानों में तैनात अधिकारियों के स्थानांतरण और नई तैनातियों के आदेश भी जारी किए गए हैं, जिससे पुलिसिंग व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सके।
गर्वनडंगा थाना क्षेत्र में पूछताछ के दौरान एक व्यक्ति के साथ कथित मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद प्रशिक्षु पुलिस अवर निरीक्षक नितेश कुमार वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, जबकि छठूलाल राय को पुलिस केंद्र वापस भेजते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है और पूरे मामले की जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को सौंपी गई है।
इसी क्रम में किशनगंज थाना क्षेत्र में संपत्ति संबंधी मामलों की समीक्षा के दौरान गंभीर लापरवाही पाए जाने पर पुलिस अवर निरीक्षक आनंद मोहन को भी निलंबित कर दिया गया, जिसमें आरोप है कि गृहभेदन और मोटरसाइकिल चोरी जैसे मामलों में निर्धारित समय से पहले ही औपचारिकता निभाते हुए अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई थी, जिस पर संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
प्रशासनिक स्तर पर किए गए फेरबदल के तहत कोचाधामन थाना की अनुसंधान इकाई में कार्यरत गंगा प्रसाद गुप्ता को पाठामारी थाना का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है, वहीं किशनगंज अनुसंधान इकाई के शंखराज कर्ण को पौआखाली थाना की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके अलावा साइबर थाना से रविशंकर कुमार, जियापोखर थाना से प्रीति कुमारी तथा पाठामारी थाना से मणि पासवान का स्थानांतरण कर उन्हें किशनगंज थाना अनुसंधान इकाई में तैनात किया गया है, जिससे विभिन्न थानों में कार्यप्रणाली को और अधिक व्यवस्थित किया जा सके।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने स्पष्ट किया है कि विभाग में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता या भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है और भविष्य में भी दोषियों पर इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।















