कोलकाता, 16 मई।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की छात्रा-चिकित्सक से जुड़े दुष्कर्म एवं हत्या मामले की सुनवाई अब कलकत्ता उच्च न्यायालय की विशेष डिवीजन बेंच को सौंप दी गई है, जिससे इस संवेदनशील प्रकरण में नई न्यायिक प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।
सूत्रों के अनुसार मुख्य न्यायाधीश सुजय पाल ने यह मामला न्यायमूर्ति शंपा सरकार तथा न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की विशेष डिवीजन बेंच को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है, ताकि आगे की सुनवाई व्यवस्थित रूप से की जा सके।
इससे पहले समय की कमी का हवाला देते हुए न्यायमूर्ति देवांशु बसाक की डिवीजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था। उससे भी पूर्व न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा की बेंच ने भी समान कारणों का उल्लेख करते हुए मामले से दूरी बना ली थी।
पिछली सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मंथा की बेंच ने मुख्य आरोपी संजय राय के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर अन्य संदिग्धों से पूछताछ करने के निर्देश दिए थे। साथ ही पीड़िता के परिजनों द्वारा प्रस्तुत अतिरिक्त हलफनामों पर सीबीआई से विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया था।
सीबीआई ने मंगलवार को अपनी जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत में दाखिल की थी, जिसके बाद न्यायमूर्ति मंथा की बेंच ने मामले से स्वयं को अलग करने का निर्णय लिया।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति मंथा ने यह भी टिप्पणी की थी कि इस मामले की त्वरित सुनवाई अत्यंत आवश्यक है क्योंकि आरजी कर प्रकरण को लेकर पूरे राज्य में गंभीर चिंता बनी हुई है और निष्पक्ष न्याय के लिए पर्याप्त समय देने वाली बेंच को यह मामला सौंपा जाना चाहिए।
इसके साथ ही उन्होंने यह संकेत भी दिया था कि राज्य सरकार इस प्रकरण की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित करने पर विचार कर सकती है।














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