नई दिल्ली, 16 मई।
वोटर लिस्ट से जुड़े एक मामले में सुनवाई टलने के बाद याचिकाकर्ता ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी पर जानबूझकर देरी कराने का आरोप लगाते हुए कहा कि अदालत में बहस को बार-बार टाला जा रहा है, जिससे प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता विकास त्रिपाठी ने न्यायालय परिसर में बातचीत के दौरान कहा कि अदालत के निर्देश पर निर्वाचन आयोग से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद विपक्ष की ओर से बहस नहीं की गई है और मामले को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष की ओर से समय की कमी का हवाला देकर सुनवाई टाली जा रही है और इसे ‘तारीख पर तारीख’ की स्थिति बताया। उनका कहना था कि वह सभी आवश्यक दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत कर चुके हैं, लेकिन दूसरी ओर से प्रभावी बहस नहीं हो रही है।
इससे पहले भी कई बार सुनवाई टलने की बात सामने आई है। वर्तमान में संबंधित पक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ा हुआ था, जबकि याचिकाकर्ता अदालत में उपस्थित रहा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 जुलाई को निर्धारित की गई है।
मामला 1980 की वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम कथित रूप से शामिल होने से जुड़ा है, जिसमें एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है और इसे लेकर विभिन्न न्यायिक प्रक्रियाएं जारी हैं।















