लखीमपुर खीरी, 13 अप्रैल।
लखीमपुर खीरी जनपद में स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी उन्मूलन को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 100 दिवसीय ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत अब हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों की सहायता से ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों की जांच की जा रही है, जिससे दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि टीबी एक संक्रामक रोग है, जिसके प्रमुख लक्षणों में दो सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी, बलगम में खून आना, लंबे समय तक बुखार रहना, रात में पसीना आना, भूख कम लगना और तेजी से वजन घटना शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराना आवश्यक है, ताकि समय पर उपचार शुरू किया जा सके।
सीएमओ ने हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन की उपयोगिता बताते हुए कहा कि यह उपकरण हल्का, पोर्टेबल और आधुनिक तकनीक से युक्त है, जिसे आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सकता है। इसके माध्यम से मौके पर ही जांच संभव हो पाती है, जिससे मरीजों को अस्पताल तक जाने की जरूरत नहीं पड़ती और समय की भी बचत होती है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को लाभ मिल रहा है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. प्रमोद रावत ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत जिला क्षय रोग अस्पताल सहित पलिया, निघासन, पसगवां और मोहम्मदी ब्लॉकों में विशेष टीमें गठित कर जांच कार्य किया जा रहा है। पिछले 10 दिनों में कुल 2432 लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिन लोगों में टीबी के लक्षण पाए जा रहे हैं, उनका तत्काल परीक्षण कर उपचार शुरू किया जा रहा है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी में टीबी के लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या शिविर में पहुंचकर जांच अवश्य कराएं।



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