मध्य प्रदेश, 11 अप्रैल
प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी अभियान को किसानों से मजबूत समर्थन मिल रहा है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि पहले दो दिनों में ही बड़ी मात्रा में गेहूं की खरीद दर्ज की गई है, जिससे खरीद प्रक्रिया में तेजी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार सरकार ने केवल दो दिनों के भीतर 5,220 किसानों से 22,521 मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद की है। मंत्री ने बताया कि यह खरीद प्रक्रिया किसानों की सक्रिय भागीदारी का परिणाम है और इससे व्यवस्था पर भरोसा भी स्पष्ट होता है।
प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में 9 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू की गई थी, जबकि शेष संभागों में यह प्रक्रिया 15 अप्रैल से प्रारंभ होगी, जिससे आने वाले दिनों में आवक और बढ़ने की संभावना है।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि इस वर्ष किसानों की ओर से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और अब तक 19.04 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.6 लाख अधिक है।
उन्होंने कहा कि यह किसानों के सरकार व्यवस्था पर विश्वास को दर्शाता है और सरकार का प्रयास है कि खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से चले तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर समय पर भुगतान सुनिश्चित हो।
प्रदेश सरकार ने पूरे मध्य प्रदेश में 3,171 खरीद केंद्र स्थापित किए हैं, ताकि किसानों को सुविधा मिल सके। भीड़ से बचाव के लिए स्लॉट बुकिंग व्यवस्था भी लागू की गई है।
अब तक लगभग 1.48 लाख किसानों ने 6.74 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक किया है। किसानों को 2,625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है, जिसमें 2,585 रुपये एमएसपी और 40 रुपये राज्य बोनस शामिल है।
मंत्री ने बताया कि भंडारण और परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। गेहूं के सुरक्षित भंडारण के लिए जूट सहित मानक पैकेजिंग का उपयोग किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और किसानों के हित में रहे।
पिछले वर्ष राज्य में लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हुई थी, जबकि इस वर्ष कठिन परिस्थितियों के बावजूद 78 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य तय किया गया है।











