रायपुर, 14 अप्रैल
प्रदेश में नकली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित सप्लाई नेटवर्क से जुड़े तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जिससे पूरे मामले में अंतरराज्यीय कनेक्शन का खुलासा हुआ है।
कुछ माह पूर्व नागपुर गोल्डन ट्रांसपोर्ट, गोगांव से नकली दवाओं की जब्ती के मामले की जांच के दौरान इस अवैध नेटवर्क की परतें सामने आई थीं, जिसमें इंदौर स्थित बिजरासन मेडिकोज के रोचक अग्रवाल, भाटापारा की प्रेम प्रकाश एजेंसी के सुरेंद्र कामनानी तथा सारंगढ़ स्थित सरस्वती मेडिकल स्टोर के खेमराज बानी की संलिप्तता पाई गई, जिन्हें सोमवार को रायपुर में गिरफ्तार किया गया।
इस प्रकरण से जुड़े सरस्वती मेडिकल स्टोर, सारंगढ़ में दिसंबर माह में विभाग द्वारा व्यापक जांच और जब्ती की कार्रवाई की गई थी, जहां संदिग्ध और नकली औषधियों के भंडारण एवं वितरण से जुड़े अहम साक्ष्य प्राप्त हुए थे, जिन्हें विधिवत जब्त कर जांच में शामिल किया गया।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर विभागीय टीम ने इस अवैध कारोबार के अंतरराज्यीय विस्तार को ध्यान में रखते हुए विस्तृत जांच की, जिसमें कई राज्यों से जुड़े नेटवर्क और उसकी कार्यप्रणाली की पड़ताल की जा रही है तथा अन्य संलिप्त लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
वर्तमान में इस मामले में विधिक प्रक्रिया के तहत अभियोजन की कार्रवाई जारी है और विभाग ने स्पष्ट किया है कि जुड़े हुए अन्य व्यक्तियों और संस्थानों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही विभाग ने आमजन से अपील की है कि दवाओं की खरीद केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर्स से ही करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, जबकि नकली दवाओं के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।




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