मंडी, 13 मई।
मंडी नगर निगम चुनावों के लिए जारी संकल्प पत्र को शहर के समग्र विकास का विस्तृत विजन डॉक्यूमेंट बताते हुए भाजपा नेताओं ने इसे आगामी पांच वर्षों की ठोस विकास कार्ययोजना करार दिया और मंडी को आधुनिक, सुरक्षित, सुव्यवस्थित तथा पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी शहर बनाने पर जोर दिया है।
कार्यक्रम में उपस्थित नेताओं ने कहा कि यह संकल्प पत्र केवल चुनावी घोषणाएं नहीं है, बल्कि नगर निगम के दीर्घकालिक विकास की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत करता है, जिसमें शहर को नई दिशा देने की योजना शामिल है।
नेताओं ने बताया कि मंडी नगर निगम का गठन पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा सरकार के प्रयासों का परिणाम रहा, जिसके तहत जनसंख्या मानकों में बदलाव कर बल्ह, द्रंग और मंडी सदर क्षेत्रों को मिलाकर नगर निगम का स्वरूप दिया गया।
पूर्व नगर निगम चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा गया कि भाजपा ने 15 में से 11 सीटें जीतकर महापौर और उपमहापौर पदों पर अपना नेतृत्व स्थापित किया था, लेकिन वर्तमान सरकार के आने के बाद विकास कार्यों की गति प्रभावित हुई है।
विकास कार्यों के रूप में इंदिरा मार्केट, सीवरेज विस्तार, ओहल पेयजल योजना, सड़क चौड़ीकरण और पार्किंग निर्माण जैसे कार्यों को पिछली सरकार की उपलब्धि बताया गया, वहीं 2025 की आपदा के बाद 138 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना को भी स्वीकृति दिलाने का उल्लेख किया गया।
शहर में बिजली आपूर्ति सुधार के लिए धर्मपुर से मंडी तक 132 केवी ग्रिड आधारित सब स्टेशन लाइन विकसित करने की योजना पर भी कार्य चल रहा है ताकि भविष्य में ब्लैकआउट जैसी स्थिति से बचा जा सके।
संकल्प पत्र में महिला सुरक्षा, स्मार्ट ट्रैफिक, पार्किंग व्यवस्था, पर्यटन विकास, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सुविधाओं तथा स्वच्छता को प्राथमिकता दी गई है, साथ ही एआई आधारित सीसीटीवी नेटवर्क, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, पिंक टॉयलेट, आपदा प्रबंधन और अर्ली वार्निंग सिस्टम जैसी योजनाएं शामिल हैं।
नेताओं ने कहा कि मंडी को शिव नगरी और धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा, जिसमें शिवधाम परियोजना, रिवर फ्रंट विकास, हाई स्पीड एलिवेटर और विरासत संरक्षण शामिल हैं।
ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए बाईपास, इंटरसेप्ट पार्किंग हब और बहुमंजिला पार्किंग परियोजनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई, साथ ही स्कूल बाजार सहित विभिन्न क्षेत्रों में सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया।
कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा गया कि नगर निगम में तकनीकी कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों और सुपरवाइजरों की कमी से विकास कार्य बाधित हुए और केंद्र की योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल सका।
भाजपा ने मंडी नगर निगम के लिए 105 करोड़ रुपये की अर्बन चैलेंज फंड परियोजना का प्रस्ताव केंद्र को भेजा है, जिसमें इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर, स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम और आधुनिक शहरी प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने की योजना शामिल है।









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