उज्जैन, 15 मई।
उज्जैन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन तथा पेट्रोल-डीजल के संयमित उपयोग की अपील का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जहां नगर के महापौर मुकेश टटवाल ने सादगी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यह निर्णय लिया कि वे प्रत्येक शुक्रवार को अपनी सरकारी कार का उपयोग नहीं करेंगे और इसके स्थान पर ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक वाहन अथवा पैदल यात्रा को प्राथमिकता देंगे।
अपने इस संकल्प की शुरुआत करते हुए शुक्रवार सुबह महापौर मुकेश टटवाल ई-रिक्शा से कोठी रोड स्थित अटल पार्क पहुंचे, जहां उन्होंने मॉर्निंग वॉक पर आए नागरिकों से भेंट की और उन्हें बैटरी चालित वाहनों के उपयोग तथा पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए प्रेरित किया, इसके बाद उन्होंने शहर के तीन अलग-अलग वार्डों का निरीक्षण भी ई-रिक्शा के माध्यम से किया और विकास कार्यों की स्थिति का जायजा लिया।
महापौर टटवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच देश की आर्थिक मजबूती के लिए ईंधन की बचत प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय दायित्व है, साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री की अपील पर शुरू की गई यह पहल केवल वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य में भी इसे निरंतर जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने नगर निगम के सभी अधिकारियों और पार्षदों से भी सप्ताह में कम से कम एक दिन अपनी कारों का उपयोग न करने का आग्रह किया और इसके पीछे व्यावहारिक गणना प्रस्तुत करते हुए बताया कि नगर निगम में लगभग पैंतालीस अधिकारियों के पास सरकारी वाहन उपलब्ध हैं, यदि सभी अधिकारी और पार्षद सप्ताह में केवल एक दिन भी कार के स्थान पर ई-रिक्शा, साइकिल या इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करें तो प्रति सप्ताह लगभग ढाई सौ लीटर पेट्रोल-डीजल की सीधी बचत संभव है।














