बिजनौर, 14 मई।
महात्मा महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि को संगठन के स्थापना दिवस के रूप में सफल बनाने के लिए भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने बैल-बुग्गी के माध्यम से गांव-गांव जाकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया और अधिक से अधिक किसानों से कार्यक्रम में पहुंचने की अपील की।
चांदपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम बागड़पुर में 15 मई को भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक द्वारा महात्मा महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि को संगठन के स्थापना दिवस के साथ “पानी बचाओ, पेड़ बचाओ, मिट्टी बचाओ, खेत बचाओ” संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर संगठन हर वर्ष किसानों, युवाओं और समाज को पर्यावरण संरक्षण तथा कृषि बचाने का संकल्प दिलाता है।
जिलाध्यक्ष नितिन सिरोही के साथ अतुल बालियान, शुभम कुमार, डैनी, कपिल कुमार, देवानंद भूमिहार, स्पर्श सहित अन्य पदाधिकारियों ने बैल-बुग्गी से गांव-गांव जाकर जनसंपर्क अभियान चलाया। उन्होंने बताया कि इस वर्ष कार्यक्रम में 1000 लोगों को पौधे वितरित कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया जाएगा और वर्षा ऋतु शुरू होने पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण के साथ उनकी सुरक्षा का अभियान भी चलाया जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि मिट्टी में घटते जीवांश कार्बन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने को लेकर कृषि वैज्ञानिकों तथा कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर भविष्य की रणनीति तैयार की जाएगी। इस गोष्ठी में कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक जेपी चौधरी और कृषि विज्ञान केंद्र नगीना के वैज्ञानिक डॉ. के.के. सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे, जबकि मुख्य अतिथि चौधरी दिगंबर सिंह संगठन निर्माण और किसान हितों पर अपने विचार रखेंगे।
नितिन सिरोही ने कहा कि देश की मजबूती किसान की समृद्धि पर निर्भर है और किसान हमेशा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते आए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की पेट्रोल-डीजल बचत की अपील के अनुरूप संगठन ने भी ऊर्जा संरक्षण का संकल्प लिया है और प्रचार-प्रसार के लिए पारंपरिक संसाधन बैल-बुग्गी का उपयोग किया जा रहा है ताकि ईंधन की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया जा सके।
उन्होंने किसानों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि अधिक से अधिक लोग रेल और सार्वजनिक साधनों से कार्यक्रम स्थल पहुंचें तथा निजी वाहन से आने वाले लोग वाहनों में सभी सीटें भरकर आएं ताकि ईंधन की अनावश्यक बर्बादी रोकी जा सके।















