पटना, 15 मई।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज मुख्यमंत्री आवास से सचिवालय तक की लगभग 50 मीटर की दूरी पैदल तय कर कार्यालय पहुंचकर एक प्रतीकात्मक पहल की।
यह पहल पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील से प्रेरित मानी जा रही है, जिसका प्रभाव अब बिहार की प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था में भी दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को नो व्हीकल डे के रूप में इस दिन को मनाया।
मुख्यमंत्री आवास से सचिवालय तक की छोटी दूरी उन्होंने पैदल तय की, जिसके बाद सचिवालय में भी इस पहल का असर देखने को मिला। अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी वाहनों का उपयोग न करते हुए साइकिल और सार्वजनिक परिवहन के माध्यम से कार्यालय पहुंचना प्राथमिकता दी, जिससे परिसर में सामान्य दिनों की तुलना में सरकारी वाहनों की आवाजाही कम रही।
कई अधिकारी स्वयं वाहन चलाकर या पैदल कार्यालय आते दिखाई दिए, जिससे सचिवालय में एक अलग माहौल देखने को मिला। इससे पहले गुरुवार को पटना से दरभंगा यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटाकर केवल तीन गाड़ियां रखीं, जबकि पूर्व में यह संख्या उन्नीस तक रहती थी।
दरभंगा कार्यक्रम के दौरान उन्होंने जनता से भी अपील की थी कि सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग किया जाए तथा सरकारी और निजी कार्यालयों में आवश्यकता अनुसार कार्य व्यवस्था बदली जाए, साथ ही सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे अपनाने पर जोर दिया जाए।
उसी क्रम में राज्य सरकार के खान-भूतत्व एवं कला-संस्कृति मंत्री ने भी गुरुवार को गयाजी की यात्रा ट्रेन से की। वहीं केंद्रीय मंत्री के बिहार दौरे को लेकर उनके सुरक्षा काफिले में एक केंद्रीय बल और एक राज्य पुलिस वाहन शामिल किए जाने पर संबंधित स्तर से पत्राचार भी किया गया है।















