कोलकाता, 22 अप्रैल।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान नंदीग्राम क्षेत्र में केंद्रीय बल सीआरपीएफ पर ग्रामीणों के साथ मारपीट और भय का माहौल बनाने के आरोप सामने आए हैं। तृणमूल कांग्रेस ने इस संबंध में तस्वीरों के साथ चुनाव आयोग को औपचारिक शिकायत भेजी है और आरोप लगाया है कि केंद्रीय बल का उपयोग राजनीतिक उद्देश्य से किया जा रहा है।
मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के विधानसभा क्षेत्र नंदीग्राम में कई स्थानों पर तनाव की स्थिति देखने को मिली। कंचनपुर इलाके में कुछ ग्रामीणों ने केंद्रीय बल के जवानों पर मारपीट का आरोप लगाया, जिसके विरोध में स्थानीय महिलाओं ने प्रदर्शन किया।
खोकन सांतरा नामक स्थानीय युवक ने दावा किया कि वह हावड़ा में कार्यरत है और मतदान के लिए घर लौटा था, लेकिन बिना किसी स्पष्ट कारण के उसके साथ मारपीट की गई। ग्रामीणों के अनुसार इस घटना में चार लोग घायल हुए, जिनका उपचार नंदीग्राम सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में कराया गया।
तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग को भेजे पत्र में 210-नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र में नागरिकों पर अत्यधिक बल प्रयोग, धमकी और मारपीट की शिकायतों का उल्लेख किया है और आरोप लगाया है कि बिना किसी उकसावे के आम लोगों पर कार्रवाई की गई।
पार्टी ने घायल लोगों की तस्वीरें भी आयोग को साक्ष्य के रूप में सौंपी हैं और इसे कानून व आचार संहिता के विपरीत बताया है। साथ ही कहा गया है कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने वाले बलों से ऐसे व्यवहार की उम्मीद नहीं की जा सकती।
तृणमूल कांग्रेस ने केंद्रीय गृह मंत्रालय का हवाला देते हुए कहा है कि सीआरपीएफ उसी के अधीन कार्य करता है और उसका दुरुपयोग किया जा रहा है। पार्टी ने आयोग से मांग की है कि संबंधित जवानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए, उन्हें निलंबित किया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए।





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