नवादा, 01 मई।
नवादा जिले में डायन बताने की कुप्रथा के चलते एक महिला की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बड़ा फैसला सुनाया है, जिसमें आठ अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा दी गई है।
यह मामला वर्ष 2019 का है, जब गोविंदपुर थाना क्षेत्र के कोयलियागढ़ गांव में मरनी देवी नामक महिला को डायन बताकर बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया था। घटना के दौरान उसे बाल काटकर नग्न अवस्था में गांव में घुमाए जाने की भी बात सामने आई थी, जिससे मामला और अधिक गंभीर हो गया।
सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान और पुलिस रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें कठोर सजा सुनाई। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं समाज में गहरी कुरीति को दर्शाती हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो समाज में अराजकता बढ़ सकती है। अदालत ने नरेश मांझी, बिरजू मांझी, कारु मांझी, तुलसी मांझी, त्रिलोकी मांझी, पूना मांझी, राजेश मांझी और सुरेश मांझी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
इसके साथ ही सभी दोषियों पर पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड हत्या के मामले में तथा दो-दो हजार रुपये का अर्थदंड डायन प्रथा से जुड़े अपराध के तहत लगाया गया है। अदालत के इस फैसले को महत्वपूर्ण न्यायिक कदम माना जा रहा है।









