ट्रिस्टन दा कुन्हा, 08 मई।
दक्षिण अटलांटिक महासागर में स्थित दुनिया के सबसे दूरस्थ बसे द्वीपों में से एक ट्रिस्टन दा कुन्हा पर शुक्रवार को हंता वायरस के एक नए संदिग्ध मामले की पुष्टि होने से स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। यह मामला एक ब्रिटिश नागरिक से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि इसी बीच संक्रमित क्रूज जहाज से जुड़े यात्रियों और उनके संपर्कों की तलाश भी तेज कर दी गई है।
ब्रिटिश स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने द्वीप पर सामने आए इस नए संदिग्ध मामले को लेकर विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है। यह द्वीप केवल लगभग 200 लोगों की आबादी वाला है, और वहीं 15 अप्रैल को यह क्रूज जहाज रुका था।
इस प्रकोप में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें एक डच दंपति और एक जर्मन नागरिक शामिल हैं, जो जहाज पर यात्रा कर रहे थे।
इसके अलावा चार अन्य लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिनमें दो ब्रिटिश, एक डच और एक स्विस नागरिक शामिल हैं। इन सभी का इलाज नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका और स्विट्जरलैंड के अस्पतालों में चल रहा है।
एक डच महिला की मौत 24 अप्रैल को जहाज छोड़ने के तुरंत बाद हो गई थी। वह उस डच व्यक्ति की पत्नी थी, जिसे इस प्रकोप का प्रारंभिक मरीज माना जा रहा है और जिसकी मौत 11 अप्रैल को जहाज पर हुई थी।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि वह शुक्रवार को मामलों की ताजा स्थिति पर अपडेट जारी करेगा।
नीदरलैंड की स्वास्थ्य एजेंसियों ने बताया कि 25 अप्रैल को जोहान्सबर्ग में विमान से उतारे जाने से पहले दो लोगों की जांच की गई थी, जो संक्रमित महिला के संपर्क में आए थे, और उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
इनमें एक फ्लाइट अटेंडेंट भी शामिल था, जिसे हल्के लक्षणों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
स्वास्थ्य संस्थानों के अनुसार तीसरे संभावित मामले की जांच रिपोर्ट का अभी इंतजार है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हंता वायरस आमतौर पर कृन्तकों से फैलता है, लेकिन इस जहाज के यात्रियों में पाया गया स्ट्रेन दुर्लभ परिस्थितियों में व्यक्ति से व्यक्ति में भी फैल सकता है।
अमेरिकी रोग नियंत्रण केंद्र ने इस प्रकोप को लेवल-3 आपात प्रतिक्रिया श्रेणी में रखा है, जो सबसे कम स्तर का अलर्ट है।
हालांकि विशेषज्ञों ने बड़े पैमाने पर संक्रमण की संभावना को कम बताया है, फिर भी कई देशों की स्वास्थ्य एजेंसियां सतर्क हैं और संपर्क में आए लोगों पर नजर रखी जा रही है।
जहाज संचालक कंपनी ने बताया कि फिलहाल जहाज पर किसी भी यात्री में संक्रमण के लक्षण नहीं हैं और यह जहाज जल्द ही स्पेन के टेनेरिफ द्वीप पर पहुंचने वाला है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन इस बात पर भी दिशा-निर्देश तैयार कर रहा है कि शेष यात्रियों को सुरक्षित रूप से उनके देशों में कैसे भेजा जाए। ब्रिटिश स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि बिना लक्षण वाले यात्रियों को उनके देश भेजकर 45 दिनों तक आइसोलेशन में रखा जाएगा।






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