उरई, 06 मई।
हरियाणा के नूंह जिले में मंगलवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने उत्तर प्रदेश के जालौन जनपद को गहरे शोक में डाल दिया। अपहरण मामले में दबिश देने जा रहे जालौन के चार पुलिसकर्मी स्कॉर्पियो वाहन से नूंह की ओर रवाना हुए थे, तभी एक्सप्रेस वे पर ओवरटेक करने के प्रयास में उनका वाहन अनियंत्रित होकर दूसरे वाहन से टकरा गया। इस दुर्घटना में जालौन में तैनात दो उपनिरीक्षक सत्यभान और मोहित यादव तथा दो सिपाही प्रदीप और अशोक सहित कुल पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में शोक की लहर फैल गई।
बुधवार सुबह सभी मृतक पुलिसकर्मियों के पार्थिव शरीर उरई स्थित पुलिस लाइन लाए गए, जहां पूरा माहौल गमगीन हो गया। साथी जवानों की आंखें नम थीं और हर कोई अपने वीर साथियों को अंतिम विदाई देने के लिए मौजूद रहा। सुबह लगभग दस बजे राजकीय सम्मान के साथ शहीद पुलिसकर्मियों को अंतिम सलामी दी गई।
इस अवसर पर कानपुर जोन के अपर पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह, झांसी परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक आकाश कुलहरी, जालौन के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय तथा अपर पुलिस अधीक्षक ईशान सोनी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
अंतिम सलामी के बाद सभी पुलिसकर्मियों के पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांवों के लिए रवाना कर दिए गए, जहां पूरे सम्मान और विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पुलिस लाइन में बड़ी संख्या में अधिकारी और जवान अपने साथियों को विदाई देने पहुंचे।
अपर पुलिस महानिदेशक आलोक सिंह ने कहा कि ड्यूटी के दौरान शहीद हुए ये सभी सपूत विभाग की अमूल्य धरोहर हैं और पुलिस परिवार उनके परिजनों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।





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