नई दिल्ली, 14 मई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के इतर कई देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। इस दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची, दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री रोनाल्ड लामोला और ब्राजील के विदेश मंत्री मौरो विएरा सहित अन्य प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री से शिष्टाचार भेंट की।
यह बैठक ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की चल रही बैठक के दौरान आयोजित की गई, जिसमें वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक की शुरुआत में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था में शांति और सुरक्षा का विशेष महत्व है तथा हाल के संघर्ष संवाद और कूटनीति की आवश्यकता को और अधिक स्पष्ट करते हैं।
उन्होंने कहा कि मौजूदा जटिल वैश्विक परिस्थितियों में सतत विकास को बढ़ावा देने के साथ समानता और साझा जिम्मेदारियों के सिद्धांतों का पालन आवश्यक है। साथ ही तकनीकी प्रगति को सुशासन और समावेशी विकास के लिए उपयोग करने पर जोर दिया गया।
डॉ. जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ऊर्जा, खाद्य, उर्वरक और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां कई देशों के सामने बनी हुई हैं। उन्होंने ब्रिक्स देशों से वैश्विक स्थिरता में रचनात्मक भूमिका निभाने की अपेक्षा जताई।
बैठक में ब्राजील, रूस, ईरान, इंडोनेशिया, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों के विदेश मंत्री शामिल हुए। चर्चा में वैश्विक शासन सुधार और बहुपक्षीय प्रणाली को मजबूत बनाने जैसे विषय भी शामिल रहे।
इस वर्ष ब्रिक्स की थीम “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” रखी गई है, जो प्रधानमंत्री मोदी की मानव-केंद्रित दृष्टि से प्रेरित है।








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