भोपाल, 08 अप्रैल 2026।
भोपाल में पुलिस मुख्यालय द्वारा साइबर फॉरेंसिक लैब के लिए की गई करीब ढाई करोड़ रुपये की हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर खरीदी अब सवालों के घेरे में आ गई है। इस मामले में वित्त विभाग ने गंभीर आपत्ति जताते हुए गृह विभाग से विस्तृत जवाब तलब किया है।
वित्त विभाग ने अपने पत्र में चार अहम बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। पहले बिंदु में पूछा गया है कि वित्तीय अधिकार नियम 1995 के तहत पुलिस महानिदेशक को सॉफ्टवेयर खरीदी का अधिकार नहीं है, ऐसे में यह प्रक्रिया किस प्रावधान के तहत पूरी की गई। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि क्या इस खरीदी के लिए गृह विभाग से प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्राप्त की गई थी।
तीसरे बिंदु में विभाग ने यह जानकारी मांगी है कि संबंधित सॉफ्टवेयर किस बजट मद से खरीदा गया। वहीं चौथे बिंदु में तकनीकी पहलुओं पर सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि क्या इस खरीदी के लिए पुलिस मुख्यालय ने किसी तकनीकी समिति का गठन किया था।
जानकारी के अनुसार साइबर फॉरेंसिक जांच के उद्देश्य से आठ यूनिट ‘सेलेब्राइट इंसाइट ऑनलाइन प्रो’ और एक ‘सेलेब्राइट प्रीमियम’ सॉफ्टवेयर खरीदा गया है, जिस पर गृह और वित्त विभाग ने आपत्ति दर्ज की है।
इधर, गृह विभाग ने भी पूरे मामले में पुलिस मुख्यालय से खरीदी की प्रक्रिया और अधिकारों को लेकर विस्तृत जानकारी मांगी है। वहीं पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों का कहना है कि पूरी खरीदी निर्धारित नियमों के अनुरूप की गई है।
यह पूरा मामला अब प्रशासनिक प्रक्रिया और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर बहस का विषय बन गया है।












