पटना, 13 अप्रैल 2026।
बिहार की राजनीति में इन दिनों तेज उठापटक देखने को मिल रही है और आगामी 48 घंटे को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नई सरकार के गठन तथा शपथ ग्रहण समारोह को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज गति से आगे बढ़ रही हैं।
इसी क्रम में राज्यपाल द्वारा पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम को सोमवार सुबह लोकभवन में तलब किया गया, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
इधर, 14 अप्रैल को होने वाली कैबिनेट की अहम बैठक में कई बड़े निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है और इसे नई सरकार के गठन की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।
वहीं, मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग पर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं, जहां जनता दल यूनाइटेड के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री पहुंचे, जिनमें कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह तथा मंत्री विजय चौधरी शामिल रहे।
इस दौरान मीडिया से बातचीत में संजय झा ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पहले से तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रही है और किसी तरह की कोई बाधा नहीं है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं पूरी प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
उधर, भारतीय जनता पार्टी भी अपनी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटी है और 14 अप्रैल को विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पटना पहुंचेंगे, जिन्हें इस प्रक्रिया के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है।
इसी बीच राजनीतिक हलकों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री की उपस्थिति संभव है, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।




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